कोरोना काल में साप्ताहिक बंदी बनी मजाक

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डीएम के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे व्यापारी- प्रशासनिक अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
कैराना शामली 
कैराना। कोरोना काल में साप्ताहिक बंदी महज मजाक बनकर रह गई है। कुछ व्यापारियों द्वारा मनमाने तरीके से डीएम के आदेशों को ठेंगा दिखाकर दुकानें खोली गई।

जहां ग्राहक भी सामान खरीदते हुए नजर आए। इस ओर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।   कैराना कस्बे में बुधवार के दिन साप्ताहिक बंदी का अवकाश रहता था, लेकिन कोरोना काल के चलते डीएम जसजीत कौर ने रविवार को अवकाश घोषित किया हुआ है।

बावजूद इसके कुछ व्यापारियों द्वारा अपने मनमाने तरीके से साप्ताहिक बंदी की धज्जियां उड़ाई जा रही है। रविवार को साप्ताहिक बंदी में कुछ व्यापारियों ने डीएम के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए अपनी दुकानें खोली।

किलागेट चौकी से चंद कदमों की दूरी पर ही दुकानें खुली नजर आई। इसके अलावा जोड़वा कुआं, गौशाला रोड व चौक बाजार में भी दुकानें खुली।

जहां ग्राहक भी सामान खरीदते हुए नजर आए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया गया। व्यापारी मास्क तक नहीं लगाए थे। सवाल यह उठता है कि आम दिनों में समय से पहले बाजार नहीं खुलने देने और समय पर बाजार बंद

कराने का दावा करने वाली तथा अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है। साप्ताहिक बंदी का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ क्या कोई कार्रवाई होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगी। क्या कहते हैं

एसडीएमएसडीएम देवेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें साप्ताहिक बंदी के उल्लंघन की सूचना मिली थी। उनके द्वारा दुकानों को बंद भी कराया गया है। साथ ही, भविष्य में साप्ताहिक बंदी के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।