वन तारापुर में असम विश्वविद्यालय के आतिथ्य एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग का जनसंपर्क अभियान।

असम विश्वविद्यालय के आतिथ्य एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग ने कछार जिले के वन तारापुर में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर स्वच्छता, आतिथ्य संस्कृति, पर्यटन विकास, स्थानीय विरासत संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास के प्रति लोगों को जागरूक किया।

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 श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :
 
19 जुलाई: असम विश्वविद्यालय के आतिथ्य एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग ने कछार जिले के वन तारापुर में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर स्वच्छता, आतिथ्य संस्कृति, पर्यटन विकास, स्थानीय विरासत संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास के प्रति लोगों को जागरूक किया। विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार सक्सेना के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. एस. एन. विश्वास, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. प्रणबेश चक्रवर्ती एवं विभाग के शोधार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार नागरिक व्यवहार तथा पर्यटकों के स्वागत में आतिथ्य एवं शिष्टाचार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
 
साथ ही पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से रोजगार के अवसर, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
 
प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों से संवाद कर हथकरघा एवं हस्तनिर्मित उत्पादों को पर्यटन से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
 
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने बराक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का भ्रमण किया और क्षेत्र के इतिहास, साहित्य एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में इन संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से उत्तरदायी पर्यटन एवं सतत विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

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