नवीनतम
फीचर्ड
कचनरवा मुख्य बाजार में गंदगी का लगा अंबार, लोगों को हो रही है भारी फजीहत
खुले में बिक रहा है मुर्गा, मछली और संबंधित विभाग मौन, हॉस्पिटल व बागेसोती रोड जाम
सड़क पर लोगों का चलना हुआ दुश्वार, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ब्यूरो रिपोर्ट
कोन / सोनभद्र -
स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कचनरवा मुख्य बाजार इन दिनों अतिक्रमणकारियों व मुर्गा मछली के दुकानदारों की भेंट चढ़ गया। जिसके क्रम में पूर्व में खबर प्रकाशित हो चुका है फिर भी प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया गया।ऐसा ही मामला शुक्रवार को पुन : देखने को मिला जहाँ लोगों को आने जाने वाले लोगों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा।

Read More सोनभद्र में अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को निःशुल्क राशन वितरण 25 मई से 10 जून तकइसी क्रम में बतादें कि कोन विंढमगंज मार्ग, कचनरवा बागेसोती मार्ग, हॉस्पिटल मार्ग इन दिनों मुर्गा मछली के दुकानदारों द्वारा सड़क पर कब्जा कर दुकान लगाया जा रहा है जो जनहित में नहीं है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं किया जा रहा है जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसलें बुलंद है और लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि कचनरवा मुख्य बाजार से मुर्गा मछली के दुकान व अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग लंबे अरसे से की जा रही है किन्तु प्रशासन की विफलता के कारण अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका बल्कि इन दिनों गंदगी व बदबू से लोगों का जीना हुआ दूभर।
जबकि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश में खुले में मांस की बिक्री न हो । बतादें कि माँस प्रदर्शन पर सख्त प्रतिबंध है कोई भी दुकानदार खुले में मांस लटकाकर या प्रदर्शित करके नहीं बेच सकता और दुकानों पर मांस को खुले में लटकाना या प्रदर्शित करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार दुकानों के सामने मोटे पर्दे या गहरे रंग का कांच लगाना अनिवार्य है ताकि बाहर से मांस दिखाई न दे और मांस बेचने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) से वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है।
ऐसा नहीं करने पर बिना लाइसेंस के मांस बेचने वालों पर भारी जुर्माने और दुकान सील करने व सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। लोगों का कहना है कि अबैध /बिना वैध लाइसेंस के सड़क किनारे मुर्गा मछली की दुकान लगाकर सड़क पर सरेयाम काटा जा रहा है। जहाँ लोगों को आते जाते समय छीटे पड़ते हैं जिससे मारपीट गाली गलौज की संभावना बढ़ जा रही है। इसके अलावा लोगों को माँस मछली के दुर्गंध से क्षेत्र में भयानक रोग फ़ैलने का डर सता रहा है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी व जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल सड़क पर खुले माँस बेचने पर प्रतिबंध लगाने एवं अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग किया है ।


Comments