गोरखपुर; मिट्टी खनन और डम्पर परिवहन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

ओवरस्पीडिंग, अवैध खनन और एनएचएआई की लापरवाही पर सख्त हुए मंडलायुक्त

शत्रुघन मणि त्रिपाठी  Picture
Published On

ब्युरो कार्यालय (गोरखपुर) उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में मिट्टी खनन और डम्पर परिवहन को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। शुक्रवार को मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अवैध खनन, ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और सड़क सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में डीआईजी गोरखपुर परिक्षेत्र, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, आरटीओ, खनन विभाग और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में एसएसपी ने बताया कि जिले में मिट्टी ढोने वाले डम्परों की तेज रफ्तार और बिना ढके परिवहन के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। हाल ही में हुए भीषण हादसे का जिक्र करते हुए एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। बताया गया कि बिना पर्याप्त सूचना और साइनेज लगाए एक लेन बंद कर दी गई थी, जिसके चलते आमने-सामने की टक्कर में बड़ा हादसा हुआ।

अवैध खनन को लेकर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। अधिकारियों ने बताया कि कई ठेकेदार तय सीमा से अधिक मिट्टी निकाल रहे हैं और उसे निजी रूप से बेच रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने खनन अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी खनन स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए और तय सीमा से अधिक खनन मिलने पर तत्काल कार्रवाई हो।

वार्ड 47 की विद्युत समस्याओं को लेकर संजय श्रीवास्तव ने महापौर को सौंपा ज्ञापन Read More वार्ड 47 की विद्युत समस्याओं को लेकर संजय श्रीवास्तव ने महापौर को सौंपा ज्ञापन

डीआईजी एस. चेनप्पा ने बैठक में खुलासा किया कि कई जगह लोगों की अनुपस्थिति में उनकी जमीनों से अवैध रूप से मिट्टी खोदी जा रही है। ऐसे मामलों में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित सीओ और एसडीएम की जिम्मेदारी भी तय की गई है।

अंग्रेजी शासन काल में बना अप्सरा नदी का वाधहुआ जर्जर पर पुल निर्माण की विधायक ने की मांग कोई ठोस कार्रवाई नहीं  Read More अंग्रेजी शासन काल में बना अप्सरा नदी का वाधहुआ जर्जर पर पुल निर्माण की विधायक ने की मांग कोई ठोस कार्रवाई नहीं 

टोल टैक्स बचाने के लिए गांवों के अंदरूनी रास्तों से गुजर रहे डम्परों पर भी प्रशासन ने नाराजगी जताई। एनएचएआई को ऐसे मार्गों पर मजबूत बैरियर लगाने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप Read More निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

मंडलायुक्त ने साफ कहा कि भविष्य में यदि डम्पर से किसी व्यक्ति की मौत होती है तो केवल चालक ही नहीं, बल्कि वाहन मालिक और संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ भी कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा। सभी डम्परों को मिट्टी ढककर ले जाना और विंडस्क्रीन पर खनन अनुज्ञा पत्र चस्पा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके अलावा रोडवेज बसों को सड़क पर सवारी भरने से रोकने, संवेदनशील नदी घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और गांवों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अब नियमों में लापरवाही बरतने वालों पर किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार