स्वतंत्त्र प्रभात स्पेशल-: सुल्तान पैलेस पर सरकार का यू-टर्न: ‘नहीं टूटेगी ऐतिहासिक धरोहर
पर्यटन मंत्री ने दिया भरोसा
पटना ,स्वतंत्त्र प्रभात एम रोशन
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश
पांच सितारा होटल परियोजना पर उठे विवाद के बीच एनडीए सरकार की बड़ी सफाई दी है।पटना के ऐतिहासिक सुल्तान पैलेस को लेकर जारी विवाद के बीच बिहार सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। राज्य के नए पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने साफ कहा है कि राज्य की ऐतिहासिक और विरासत इमारतों को तोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पटना में अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार में जहां भी पुराने भवन और ऐतिहासिक संरचनाएं हैं, सरकार उन्हें पर्यटन के लिहाज से विकसित करेगी ताकि लोग राज्य की सांस्कृतिक विरासत को करीब से जान सकें।
सुल्तान पैलेस नहीं टूटेगा मंत्री के बयान से थमी अटकलें
हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि सुल्तान पैलेस परिसर में प्रस्तावित पांच सितारा होटल परियोजना के लिए इस 104 साल पुरानी इमारत को गिराया जा सकता है। इन खबरों के बाद इतिहासकारों, संरक्षण वास्तुकारों और विरासत प्रेमियों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी।अब पर्यटन मंत्री के बयान के बाद इस विवाद पर काफी हद तक विराम लग गया है। मंत्री ने कहा कि बिहार में जहां भी इस तरह की पुरानी ऐतिहासिक इमारतें हैं, उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।”
हालांकि उन्होंने परियोजना की विस्तृत रूपरेखा पर ज्यादा जानकारी नहीं दी।
इतिहासकारों और नागरिक संगठनों ने उठाई थी आवाज
सुल्तान पैलेस को बचाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। कई इतिहासकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं ने सरकार से अपील की थी कि इस ऐतिहासिक भवन को ध्वस्त करने के बजाय इसे हेरिटेज होटल परियोजना का हिस्सा बनाया जाए।विशेषज्ञों का कहना था कि देश के कई राज्यों में पुरानी इमारतों को संरक्षित रखते हुए उन्हें पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है और बिहार में भी यही मॉडल अपनाया जाना चाहिए।
2022 के फैसले से पीछे हटी सरकार
गौरतलब है कि बिहार मंत्रिमंडल ने 10 सितंबर 2024 को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत सुल्तान पैलेस परिसर में पांच सितारा हेरिटेज होटल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।इस फैसले में यह स्पष्ट किया गया था कि एक सदी पुरानी ऐतिहासिक संरचना को सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने 2022 में लिए गए उस पुराने निर्णय को भी पलट दिया था, जिसमें भवन को हटाने की बात सामने आई थी।
1922 में बना था सुल्तान पैलेस
राजधानी पटना के मध्य में स्थित यह ऐतिहासिक भवन वर्ष 1922 में प्रसिद्ध वकील सर सुल्तान अहमद द्वारा अपने आवास के रूप में बनवाया गया था। अपनी अनोखी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह इमारत राजधानी की पहचान मानी जाती है।विश्व विरासत दिवस से ठीक पहले आई रिपोर्टों के बाद इसके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब सरकार की ओर से आई पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया ने धरोहर प्रेमियों को कुछ राहत दी है।
पर्यटन और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन की चुनौती
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार पर्यटन विकास और विरासत संरक्षण के बीच किस तरह संतुलन बनाती है। यदि सुल्तान पैलेस को संरक्षित रखते हुए हेरिटेज होटल परियोजना विकसित की जाती है, तो यह बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।


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