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मरहा-करचौलिया में सागौन के पेड़ों की हुई थी अवैध कटान, 10 दिन बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
तेज तर्रार डीएफओ के निर्देश के बाद भी वन रेंज बस्ती सदर में धड़ल्ले से जारी है अवैध पेड़ों की कटान
बस्ती। बस्ती सदर वन रेंज बस्ती सदर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत मरहा-करचौलिया के बीच 10 दिन पहले भारी संख्या में सागौन के पेड़ों की कटान हुई थी लेकिन हल्का वन दरोगा और चौकी प्रभारी फुटहिया की मिलीभगत से कार्रवाई पूरी तरह ठप्प है। मरहा-करचौलिया में बिना परमिट की सागौन के पेड़ों की भारी कटान हुई थी । वन विभाग बस्ती सदर को अवैध पेड़ों के कटान की सूचना दी गई थी । वन रेंज बस्ती सदर के हल्का वन दरोगा अभिलाष ने जांच-कार्रवाई के नाम पर बड़ा खेल दिया हैं ।सूत्रों के अनुसार मरहा - फुटहिया में अवैध हो रहे कटान के समय चौकी प्रभारी फुटहिया मौके पर पहुंचे थे लेकिन लकड़ी ठेकेदार से लेन-देन कर चौकी प्रभारी ने मामले को रफा-दफा कर दिया था । अर्थात् 10 दिन बीतने के बाद भी न तो वन विभाग ने कार्रवाई की, न ही नगर पुलिस ने कार्यवाही की है।
हल्का वन दरोगा अभिलाष पहले भी हरे पेड़ों की कटान मामले में जांच के नाम पर लीपापोती कर चुके हैं ठीक उसी तरीके से मरहा करचौलिया गांव में उल्टा सीधा रिपोर्ट लगाकर मामले को खत्म करने का प्रयास जारी हैं । बड़ा सवाल यह है कि जब वन विभाग और पुलिस दोनों की मिलीभगत होगी तो हरे पेड़ों की कटान कैसे रुकेगी?
सागौन प्रतिबंधित प्रजाति का पेड़ है। बिना परमिट कटान पर प्रति पेड़ ₹10 हजार जुर्माना और जेल का प्रावधान है। भारी संख्या में कटान मतलब लाखों का नुकसान सरकारी खजाने को हुआ है ।
अब देखना यह है कि मरहा करचौलिया में बड़े पैमाने पर कटे हरे सागौन के पेड़ मामले में लापरवाही बरतने वाले हल्का वन दरोगा अभिलाष के खिलाफ तेज तर्रार डीएफओ द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है ?
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