बलरामपुर में एसआईआर ने बदली मतदाताओं की संख्या

चार विधानसभा क्षेत्र में 13,10,755 वोटर

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बलरामपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर करीब छह माह तक चले विशेष सघन मतदाता पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर के बाद शुक्रवार को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। बलरामपुर में एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूची ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। नई मतदाता सूची जारी होने के बाद बलरामपुर में विधानसभा का राजनीतिक समीकरण भी बदलेगा। जिले में 4,11,200 मतदाताओं के नाम पुरानी मतदाता सूची से कट गए है। अभियान में 1,38,928 नए मतदाता जोड़े गए हैं।
 
नए वोटरों को जोड़ कर वर्तमान में चारों विधानसभा में 13,10,755 मतदाता बचे हैं। एसआईआर से पहले 15,83,027 मतदाता थे। मतदाता सूची में कुल 17.20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सबसे अधिक मतदाता विधानसभा बलरामपुर में 87,850 और दूसरे स्थान पर विधानसभा उतरौला में 86,576 मतदाता के नाम सूची से हटे हैं। जिले में वृहद अभियान 166 दिनों तक चला है। सभी बूथों पर 1805 बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर दस्तक देकर मतदाता पुनरीक्षण का कार्य किया है। इसमें 291-तुलसीपुर विधानसभा में पहले 377387 मतदाता थे। 51999 मतदाताओं के नाम सूची से हटने पर 3,25,388 वोटर बचे हैं।
 
गैंसड़ी में 357518 वोटर थे, 45847 के नाम हटाने के बाद 3,11,671 मतदाता बचे हैं। उतरौला में 4,26,213 मतदाता थे, 86576 के नाम कटने के बाद 3,39,637 वोटर बचे हैं। बलरामपुर सदर में 4,21,909 मतदाता थे, 87,850 के नाम कटने से 3,34,059 मतदाता बचे हैं। चारों विधानसभा में अंतिम सूची के प्रकाशन में नए वोटरों को शामिल करने पर यह संख्या है।जिला निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि मतदाताओं के नाम कटने का मुख्य कारण डुप्लीकेशन (दोहराव) का विलोपन तथा ऐसे निवासियों के नाम हटाना है, जो अब जनपद में निवास नहीं कर रहे हैं। इससे मतदाता सूची अब पहले से अधिक शुद्ध और वास्तविक हो गई है।

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