डीएम की अध्यक्षता में शुल्क नियामक समिति की बैठक, स्कूल फीस व्यवस्था पर सख्त निर्देश

नियमों के अनुरूप ही शुल्क निर्धारण, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

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अमेठी। जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपदीय शुल्क नियामक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क नियामक) अधिनियम 2018 के प्राविधानों पर विस्तृत चर्चा करते हुए विद्यालयों की शुल्क संरचना को पारदर्शी एवं विनियमित बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ राजेश द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
 
समिति के कुछ सदस्यों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें प्रतिस्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में शामिल किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय केवल अधिनियम में निर्धारित श्रेणियों के अंतर्गत ही शुल्क तय करें। वैकल्पिक शुल्क अभिभावकों की सहमति से ही लिया जाए तथा किसी भी सेवा का शुल्क अधिक निर्धारित न किया जाए। परिवहन शुल्क भी परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय अपनी शुल्क संरचना समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही लागू करें।
 
साथ ही अधिनियम की धारा 4 से 11 तक के सभी प्राविधानों का पालन सुनिश्चित करते हुए विद्यालयों को शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि किसी भी छात्र को पुस्तकें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। इसके अलावा शुल्क विवरण को शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले प्रस्तुत करना, दो माह पूर्व वेबसाइट एवं सूचना पट्ट पर प्रकाशित करना तथा अनावश्यक शुल्क वृद्धि न करना अनिवार्य होगा।
 
बैठक में यह भी बताया गया कि नियमों के उल्लंघन पर पहली बार में अधिक वसूली गई फीस वापस कराने के साथ एक लाख रुपये तक जुर्माना, दूसरी बार पांच लाख रुपये तक जुर्माना तथा तीसरी बार मान्यता समाप्त करने की संस्तुति की जा सकती है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावकों के समय से शुल्क जमा न करने की समस्या उठाई गई, जिस पर समिति ने अभिभावकों से समय पर शुल्क जमा करने की अपील की। समिति ने अभिभावकों एवं विद्यालयों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को नामित किया है। शुल्क नियामक अधिनियम से संबंधित शिकायतें इन कार्यालयों में भौतिक अथवा ऑनलाइन माध्यम से दर्ज कराई जा सकती हैं। बैठक के अंत में सभी विद्यालयों को शुल्क नियामक अधिनियम 2018 की प्रतियां अनुपालन हेतु उपलब्ध करा दी गईं।

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