पंजाब: जज के घर से चोरी मामले में आरोपी सिविल जज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
अदालत ने व्हाट्सएप चैट्स को भी पर्याप्त सबूत मानने से इनकार कर दिया है.
ब्यूरो प्रयागराज- पंजाब के पटियाला जिले कोर्ट ने जज के घर से सोना और गहने के चोरी के आरोप में घिरे जूनियर डिवीजन के जज विक्रम दीप सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरिंदर सिद्धू ने 1 अप्रैल को सुनवाई करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है, जिसमें एक दिवंगत न्यायिक अधिकारी के घर से संदिग्ध परिस्थितियों में बड़ी मात्रा में गहने और नकदी चोरी करने का आरोप लगा है. यही वजह है कि ये जमानत याचिका खारिज की जाती है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एक न्यायिक अधिकारी पर लगे ये आरोप सार्वजनिक सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं. जांच में यह भी सामने आया कि सीसीटीवी में आरोपी अपने साथियों के साथ में बैग ले जाते देखे गए हैं. इसके साथ ही वहां से बाहर आते भी दिखाई दे रहे हैं. जिससे प्रथम दृष्टया संदेह मजबूत होता है.
पूरा मामला 21 मार्च का है, जब दिवंगत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवलजीत सिंह के बेटे के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक डॉ. भूपिंदर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है. इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि 1 अगस्त 2025 को जज कंवलजीत सिंह के निधन के बाद कुछ लोग उनके घर में घुसे और वहां से सोना, गहने और नकदी ले गए. इस चोरी के आरोप विक्रम दीप सिंह पर लगाए गए हैं.
वहीं, आरोपी विक्रम दीप सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि मृतक के बेटे के कहने पर सामान सुरक्षित रखने के लिए उठाया था और बाद में लौटा दिया गया था. यह भी दलील दी कि मामला उनकी छवि खराब करने के लिए दर्ज किया गया है.
हालांकि, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि सामान आरोपी द्वारा मृतक के बेटे से संपर्क करने से पहले ही ले जाया गया था. मामले की जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है.अदालत ने व्हाट्सएप चैट्स को भी पर्याप्त सबूत मानने से इनकार कर दिया है.
अदालत ने कहा कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका पद या रैंक कुछ भी हो, समान है. ऐसे मामलों में विशेष संरक्षण नहीं दिया जा सकता है. मामले की गंभीरता, सीसीटीवी साक्ष्य और बरामदगी की जरूरत को देखते हुए अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है.


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