मलिहाबाद में साइबर ठगी का बड़ा मामला: डॉक्टर अपॉइंटमेंट के बहाने युवक से 41 हजार रुपये की ठगी

इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

लखनऊ- लखनऊ जनपद के मलिहाबाद थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। जालसाजों ने बेहद चालाकी से डॉक्टर का अपॉइंटमेंट बुक कराने का झांसा देकर एक युवक के बैंक खाते से 41,000 रुपये निकाल लिए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
 
जानकारी के अनुसार, मलिहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम घुसौली निवासी राज कपूर ने बताया कि रविवार दोपहर वह अपनी बीमारी के इलाज के लिए किसी डॉक्टर से अपॉइंटमेंट बुक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें इंटरनेट के माध्यम से एक मोबाइल नंबर मिला, जिसे उन्होंने डॉक्टर या संबंधित सेवा का आधिकारिक नंबर समझकर उस पर संपर्क किया।
 
जब राज कपूर ने उस नंबर पर कॉल किया, तो सामने वाले व्यक्ति ने बड़ी ही आत्मविश्वास भरी आवाज में खुद को संबंधित चिकित्सा सेवा से जुड़ा कर्मचारी बताया। उसने राज कपूर को भरोसा दिलाया कि वह उनका अपॉइंटमेंट तुरंत कन्फर्म करवा देगा। बातचीत के दौरान जालसाज ने बहुत ही सामान्य प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि अपॉइंटमेंट कन्फर्म करने के लिए उन्हें केवल 5 रुपये का एक छोटा सा ट्रांजेक्शन गूगल पे यूपीआई के माध्यम से करना होगा।
 
राज कपूर को यह प्रक्रिया सामान्य लगी और उन्हें किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने जालसाज के बताए गए निर्देशों का पालन करते हुए तुरंत 5 रुपये का ट्रांजेक्शन कर दिया। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि यही छोटी सी गलती उनके लिए भारी पड़ने वाली है।ट्रांजेक्शन करने के कुछ ही समय बाद राज कपूर के मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे कटने के लगातार संदेश आने लगे। जब उन्होंने अपने खाते की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 41,000 रुपये निकाले जा चुके थे।
 
यह सब इतनी तेजी से हुआ कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।ठगी का एहसास होते ही राज कपूर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी संबंधित विभाग को दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह साइबर अपराधियों का नया तरीका है, जिसमें वे लोगों को छोटी राशि का ट्रांजेक्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं और उसी के जरिए उनके बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच बना लेते हैं।
 
इसके बाद वे खाते से बड़ी रकम निकाल लेते हैं। पुलिस ने इस घटना के बाद आम जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी अनजान नंबर पर कॉल करके या इंटरनेट पर मिले नंबरों पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। साथ ही, किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर यूपीआई, ओटीपी या बैंकिंग से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा न करें।यह घटना न सिर्फ एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि डिजिटल युग में सावधानी और जागरूकता कितनी जरूरी है। अगर समय रहते लोग सतर्क नहीं हुए, तो ऐसे साइबर अपराध और भी बढ़ सकते हैं।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें