प्रयागराज में प्रादेशिक सरस महोत्सव का भव्य शुभारंभ

 डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले—एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य।

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स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज 
 
संगम नगरी में आयोजित प्रादेशिक सरस महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले एक वर्ष में तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरस महोत्सव जैसे आयोजनों से महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार मिलता है और उनकी आय में वृद्धि होती है।
 
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम कर रहे हैं।
 
इस अवसर पर गोरखपुर के सांसद व अभिनेता रवि किशन फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल, प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, विधान परिषद सदस्य केपी श्रीवास्तव और सुरेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक दीपक पटेल और पियुष रंजन निषाद, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला व निर्मला पासवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
 
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया। प्रतिष्ठित कवयित्री एवं गायिका अनामिका जैन अंबर तथा प्रसिद्ध गायिका तृप्ति शाक्य ने अपने गीतों और प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सरस महोत्सव में विभिन्न जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हस्तशिल्प, खाद्य पदार्थ, परिधान और घरेलू उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। यह महोत्सव न केवल ग्रामीण उत्पादों को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि महिलाओं की उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को भी नई पहचान दे रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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