राहिनी सोलर में डीलर एवं उपभोक्ताओं की बैठक आयोजित ।
राहिनी सोलर के एडीए कॉलोनी स्थित कार्यालय में रविवार को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर योजना' को लेकर सोलर कंपनी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
नैनी,प्रयागराज।राहिनी सोलर के एडीए कॉलोनी स्थित कार्यालय में रविवार को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर योजना' को लेकर सोलर कंपनी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जिसमें विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते उपभोक्ताओं को हो रही बड़ी परेशानियों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। राहिनी सोलर के सीईओ विकास मिश्रा ने बताया कि सोलर कंपनी के डीलर पूरी तरह से परेशान हो चुके है।
कंपनी उपभोक्ताओं के घरों में सोलर इंस्टालेशन कराती है। लेकिन विद्युत विभाग को ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट प्री पेड मीटर के चलते उन्हें बड़ी दिक्कतों का कामना करना पड़ रहा है। अचानक से विद्युत कनेक्शन काट दिया जा रहा है।
उनका रिचार्ज पेमेंट माइनस में बताता है। ऐसे में उन्हें भुगतान करने के बाद भी बिजली विभाग की तरफ से बिजली काट दी जा रही है। इस बैठक में 100 से अधिक डीलरों, इनवर्टर निर्माताओं और बैटरी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याओं को लेकर कहा कि विभाग में इस समस्या को लेकर जब बात की जाती है तो उन्हें आश्वासन दिया जाता है कि जल्दी ही कोई रास्ता निकाला जाएगा, लेकिन समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही इस योजना के तहत हर घर को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। विद्युत विभाग की कमियों और लापरवाहियों से उपभोक्ताओं और सोलर कंपनियों को नुकसान हो रहा है।
उन्होंने बताया कि प्री पेड मीटर में रिचार्ज नहीं होने पर कनेक्शन काट दिया जा रहा है। दोबारा रिचार्ज करने पर भी माइनस बैलेंस बताता है, ऐसे में उपभोक्ता अपने रिचार्ज को बढ़ाकर भी रख रहे है, लेकिन इसके बाद भी उन्हें बिजली नहीं मिल पा रही है।
राहिनी सोलर के सीईओ विकास मिश्रा ने कहा कि हर महीने इस समस्या को लेकर स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की जाती है। उन्हें समस्याओं से अवगत भी कराया गया है।
लेकिन आज तक इस समस्या का निदान नहीं निकल पाया।उन्होंने यह भी कहा अब उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या का हल निकला जाएगा,इसके लिए विद्युत मंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। समस्याओं का निराकरण न होने पर उपभोक्ताओं के साथ उच्चाधिकारियों का घेराव भी किया जाएगा।


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