बिहार में नई सरकार के गठन के कुछ घंटे बाद ही हुआ विभागों का बंटवारा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास 29 अहम विभाग
पटना ।
बिहार में नई सरकार के गठन के कुछ ही घंटों के भीतर विभागों का बंटवारा कर प्रशासनिक कार्यों को गति दे दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार के प्रमुख और महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखते हुए प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत किया है। वहीं, उपमुख्यमंत्रियों को भी उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप विभाग सौंपे गए हैं।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 166(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए तथा कार्यपालिका नियमावली के नियम 6(1) एवं 7(1) के आलोक में राज्यपाल सचिवालय के आदेश के आधार पर मुख्यमंत्री की सलाह से मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन किया गया है। जारी अधिसूचना के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कुल 29 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग, पथ निर्माण, कृषि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी, खेल, सहकारिता, पर्यावरण-वन एवं जलवायु परिवर्तन, गन्ना उद्योग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण तथा पंचायती राज विभाग शामिल हैं। इसके अलावा वे उन सभी विभागों का प्रभार भी संभालेंगे जो अभी किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जनसंपर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन और उच्च शिक्षा सहित कुल दस विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों के जरिए वे राज्य के बुनियादी ढांचे और शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वहीं,दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य-कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा ग्रामीण कार्य सहित कुल आठ विभागों का जिम्मा दिया गया है। ये विभाग राज्य की आर्थिक स्थिति और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संचालन में अहम माने जाते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभागों के इस संतुलित बंटवारे के जरिए सरकार ने प्रशासनिक समन्वय और विकास कार्यों में तेजी लाने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा बड़ी संख्या में विभाग अपने पास रखना यह दर्शाता है कि सरकार शुरुआती चरण में फैसलों पर सीधा नियंत्रण बनाए रखना चाहती है। नई सरकार के इस फैसले से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर दिया जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई टीम अपने दायित्वों को किस प्रकार जमीन पर उतारती है और राज्य के विकास को किस दिशा में ले जाती है साथ ही नई सरकार का कैबिनेट विस्तार कब तक होता है अब लोगों की नजरें भी इन सभी बातों पर भी टिकी है।
रिपोर्टर: जितेंद्र कुमार राजेश, बिहार


Comments