जगत के मंगल का सुफल है भगवान श्रीकृष्ण का लोकावतार-दण्डी स्वामी

देर शाम तक राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी भी कथा श्रवण को पहुंचे

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लालगंज, प्रतापगढ़। नगर पंचायत के दीवानी वार्ड में हो रही श्रीमदभागवत कथा में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण एवं रूक्मणी विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। कथाव्यास उत्तराखण्ड के बदरिका आश्रम से पधारे दण्डी स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी महराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रूक्मणी का विवाह आत्मा का ईश्वर के प्रति समर्पण का नैतिक बोध कराता है। उन्होने श्रद्धालुओं को बताया कि राजकुमारी रूक्मणी के मन मे भगवान के गुणों का गुणगान सुनकर दिव्य भक्ति की चेतना जागृत हुई।
 
स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी ने कहा कि रूक्मणी का भगवान श्रीकृष्ण से विवाह भक्त और ईश्वर के बीच सच्चे प्रेम का शाश्वत संदेश हैं। उन्होने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जगत के मंगल और कल्याण का उत्सव बनकर धरा पर फलीभूत हुआ। कथा के दौरान सम्पूर्ण परिसर हरिनाम संकीर्तन एवं भक्ति संगीत की मधुर ध्वनियों से गुंजायमान रहा। देर शाम तक राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी भी कथा श्रवण को पहुंचे।
 
सांसद प्रमोद तिवारी ने क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की ओर से दण्डी स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी को आध्यात्मिक सम्मान सौंपा। वहीं व्यासपीठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य सांसद प्रमोद तिवारी को भी लोकमंगल का आशीष प्रदान हुआ। कथा का संचालन उच्च न्यायालय लखनऊ के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने किया। संयोजक शिक्षक रमाशंकर तिवारी, रामकिशोर तिवारी, रामराज तिवारी, रोहित तिवारी, शैलेन्द्र तिवारी ने संयुक्त रूप से व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया।
 
इस मौके पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश, रामेश्वर तिवारी, कपिल तिवारी, दिवाकर नाथ शुक्ल, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, गिरीश मिश्र, माताफेर मिश्र, आचार्य विनोद मिश्र, लालजी त्रिपाठी, भानु प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, प्रमुख अमित प्रताप सिंह पंकज, शास्त्री सौरभ त्रिपाठी, आदि रहे।

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