सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु  में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का हुआ शुभारम्भ

इस तरह के जीवन निर्माण में स्वयंसेवक स्वयंसेविकाओं की सक्रियता बहुत अधिक प्रासंगिक होती है

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता  
सिद्धार्थनगर,
 
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु परिसर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की तीन इकाई,भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई इकाई, महारानी अहिल्या बाई होलकर इकाई, एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इकाई, के  सप्त दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन कुलपति प्रो कविता शाह के निर्देशन  में  प्रारम्भ हुआ।
 
 सप्त दिवसीय विशेष शिविर के प्रथम दिवस का प्रारम्भ शिविर के उद्घाटन सत्र  को प्रो नीता यादव अधिष्ठाता छात्र कल्याण की अध्यक्षता में  हुआ । कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। उन्होंने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि स्वयंसेवक- स्वयंसेविकाओं को बेहतर चरित्र निर्माण के साथ- साथ एक सभ्य समाज के भी निर्माण करने की आवश्यकता है।
 
कार्यक्रम के प्रथम बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता के रुप में डॉ मनीषा वाजपेई, सहायक आचार्य, भौतिक विज्ञान विभाग ने "सभ्य समाज के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका"  विषय पर कहा कि  मानव जीवन का बेहतर निर्माण आदर्शों एवं मानव मूल्यों से ओतप्रोत होता है।
 
इस तरह के जीवन निर्माण में स्वयंसेवक स्वयंसेविकाओं की सक्रियता बहुत अधिक प्रासंगिक होती है।मानवता को जीवंत रखने हेतु राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े लोग अपने सम्पूर्ण जीवन को भारत माता को समर्पित कर देते हैं।  प्रथम दिवस के द्वितीय बौद्धिक सत्र में वक्ता के रुप में डॉ हरेंद्र कुमार शर्मा ने " मानव मूल्य निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना का योगदान" विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि  राष्ट्रीय सेवा योजना  का योगदान मानव मूल्य निर्माण में बहुत ही अधिक योगदान प्रदान करता है।
 
राष्ट्रीय सेवा योजना भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ यशवन्त यादव,  महारानी अहिल्या बाई होलकर इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ रक्षा एवं  नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ सरिता सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संपूर्ण कार्यक्रम संचालित हुआ।
 
सांस्कृतिक संध्या में स्वयंसेवक- स्वयंसेविकाओं ने मानव मूल्य से जुड़े गीत संगीत एवं अन्य विधा से उपस्थित सभी लोगों को आनंदित होने का अवसर प्रदान किया। उद्घाटन सत्र  का संचालन डॉ यशवन्त यादव, स्वागत डॉ रक्षा एवं आभार डॉ सरिता सिंह द्वारा किया गया।

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