श्री रामकथा का भंडारे के साथ हुआ समापन

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सिद्धार्थनगर, भनवापुर क्षेत्र के कमसार गांव के राम-जानकी मन्दिर पर चल रहे नौ दिवसीय संगीतमयी श्री रामकथा का समापन श्री धाम अयोध्या से पधारी कथावाचिका  ज्योति किशोरी ने श्री राम राज्याभिषेक के वर्णन के साथ अत्यंत हर्षोल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। समापन दिवस पर पूरा गांव जय श्री राम के जयघोष और भक्तिमय भजनों से गुंजायमान रहा। इस आध्यात्मिक आयोजन ने न केवल कमसार बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भक्ति मय का माहौल बना दिया।

कथावाचिक  ने भगवान श्रीराम के जीवन के आदर्शों, त्याग, मर्यादा और धर्म स्थापना के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राम राज्य केवल एक शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि न्याय, प्रेम, करुणा और समरसता का प्रतीक है। कथा के माध्यम से श्रोताओं को बताया गया कि मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से आज के युवाओं को धैर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा लेनी चाहिए।

अंतिम दिन श्री राम राज्याभिषेक का आकर्षक मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के विग्रहों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन और तिलक किया गया। जैसे ही राज्याभिषेक की घोषणा हुई, श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर अपनी श्रद्धा अर्पित की। पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा।इस  आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। कथा की पूर्णाहुति के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया,

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