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एस.ओ.विश्व मोहन राय के नेतृत्व में कूट रचित दस्तावेजों से फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले 4 दबोचे गए
फर्जी मोहर और विकलांग प्रमाण पत्र बनाकर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, चार आरोपी दबोचे गए
बस्ती। बस्ती जिले के थाना परसरामपुर पुलिस ने सहज जन सेवा केंद्र की आड़ में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के नाम की फर्जी मोहर बनाकर विकलांगता प्रमाण पत्र तैयार करने तथा जनता से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं सहज जन सेवा केंद्र सत्यापन अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार 22 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि परसरामपुर बाजार के समीप एक सहज जन सेवा केंद्र पर कुछ लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को विकलांग बनाकर भीख मंगवाने और ठगी करने का काम कर रहे हैं। सूचना पर विश्वास करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां गुमटी में चार युवक बैठे मिले। पूछताछ में उनकी पहचान कुलदीप निवासी रानीजोत थाना धानेपुर जनपद गोण्डा, रज्जन निवासी चौबेपुर थाना नवाबगंज जनपद गोण्डा, मिथुन निवासी करदा थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा तथा शनि कुमार निवासी रतनपुर थाना परसरामपुर जनपद बस्ती के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से लेमिनेशन युक्त विकलांगता प्रमाण पत्र, जिन पर पुलिस इंस्पेक्टर और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट सिवान (बिहार) की फर्जी मोहर व हस्ताक्षर अंकित पाए गए, बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र और आर्थिक तंगी के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोगों को ठगते थे तथा इन्हीं के सहारे आजीविका चलाते थे।
पुलिस ने मौके से एक एचपी लैपटॉप, दो प्रिंटर, एक लेमिनेशन मशीन, आठ आधार कार्ड, चार मोहर, एक इंक पैड तथा आठ फर्जी प्रमाण पत्र बरामद किए। मामले में धारा 319(2), 318(4), 3(5), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया। गिरफ्तारी की कार्रवाई थानाध्यक्ष विश्वमोहन राय के नेतृत्व में की गई। टीम में एसओजी प्रभारी विकास यादव, उपनिरीक्षक झारखंडे पाण्डेय सहित थाना परसरामपुर व एसओजी टीम के अन्य पुलिसकर्मी तथा सर्विलांस सेल के सदस्य शामिल रहे।

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