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श्रीभूमि जिले के मॉडल विलेज कृष्णनगर गाँव जल जीवन मिशन से वंचित! पीने के पानी की गंभीर किल्लत
जिले के विभागीय अधिकारी मौन साधे हुए, प्रधानमंत्री और मंत्री जयंत मल बरूआ का ध्यान आकर्षित
श्रीभूमि- असम के श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा के निकट स्थित मॉडल विलेज कृष्णनगर गाँव में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का उद्देश्य वर्ष 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था।राज्य सरकार द्वारा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) के माध्यम से इस योजना को विभिन्न क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है। किन्तु ग्रामीणों का आरोप है कि मॉडल विलेज कृष्णनगर गाँव आज भी इस योजना के लाभ से वंचित है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्षों से उपयोग में आने वाले तालाब और खाल, जो पेयजल के मुख्य स्रोत थे, सूखे मौसम की शुरुआत के साथ लगभग पूरी तरह सूख चुके हैं। परिणामस्वरूप ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत प्रारंभिक सर्वेक्षण तो किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यान्वयन नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद मौन बने हुए हैं। इससे क्षेत्र में असंतोष और रोष बढ़ता जा रहा है।
सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास’ नीति का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने प्रश्न उठाया है कि यदि प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का संकल्प लिया गया है, तो मॉडल विलेज कृष्णनगर को इस मूलभूत सुविधा से क्यों वंचित रखा गया है? समस्या के त्वरित समाधान की मांग करते हुए ग्रामीणों ने लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा असम के मंत्री जयंता मल्ला बरुआ का ध्यान आकर्षित किया है। उनका आग्रह है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत शीघ्र स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गाँववासियों को राहत मिल सके।

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