हाल  ए तहसील गोला:जिंदा आदमी को मृतक दिखाने का खेल 

फर्जीवाड़ा के इस खेल में  प्रधान, पंचायत सचिव, लेखपाल, दर्शन लाल, जगन्नाथ और पिंकी देवी  के शामिल होने के आरोप

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लखीमपुर खीरी-  जनपद की तहसील गोला में परगना  कुकुरा  के गांव हर दुआ में एक  सनसनी खेज फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है। सूत्र बताते हैं कि  हर दुआ  में अर्से से सक्रिय  दूसरों की जमीनों तथा सरकारी जमीनों को  छल  कपट पूर्ण ढंग से हड़पने की. मंशा से कूट रचित  दस्तावेज तैयार कर  फर्जी वरासत  करा लिए जाने का मामला  सुर्खिया बना है। बताया जाता है कि  हर दुआ  में गत वर्षों पूर्व  रह रहे  हरीराम पुत्र रजई  को  मृतक दिखा कर कूट रचित परिवार रजिस्टर  में  हरिराम की फर्जी पुत्री दर्ज कर  पिंकी देवी पत्नी बिंदर पाल  निवासी हर दुआ  ने  लेखपाल भूपेंद्र वर्मा  से मिलीभगत करके   तहसील दार न्यायालय को गुमराह करते हुए  हरीराम की जमीन गाता संख्या  738 ठ व अन्य गाता  के रकबे की जमीन अपने नाम वरासत  करा  ली  गई।
 
इस खेल में  प्रधान रामकिशन ने फर्जी म्रत्यु प्रमाणपत्र जारी किया  और पंचायत सचिव  ने  इस फर्जी म्रत्यु प्रमाणपत्र पर अपनी रिपोर्ट लगा  मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इतना ही नहीं पंचायत सचिव द्वारा  परिवार रजिस्टर में   मौर्या बिरादरी की पिंकी देवी का नाम  बतौर बारिश  दर्ज कर  दिया गया।इसके बाद लेखपाल ने भी  हरीराम को मृतक दिखाने के साथ-साथ  पिंकी देवी को हरीराम की पुत्री  दर्शाते हुए  रिपोर्ट लगाकर  फर्जीवाड़ा  को बल प्रदान कर दिया गया।जिसके बाद न्यायालय तहसील इनके दार न्यायिक, तहसील इनके गोला  वाद संख्या 860/2022 , कंप्यूटरीकृत  वाद संख्या टी202110430308602 पिंकी देवी बनाम हरीराम, वाद संख्या 3328 में गांव के ही दो लोगों  दर्शन लाल और जगन्नाथ  निवासी हर दुआ  ने झूठी गवाही दे डाली  ।
 
दर्शन और जगन्नाथ ने अपने बयान में  हरीराम की मृत्यु हो जाने और पिंकी देवी को उनकी पुत्री होने के साथ-साथ  एक माते वारिस होने की पुष्टि  कर  दी। पिंकी देवी ने भी अपने बयान में  हरीराम की पुत्री  होने  और हरीराम  की मृत्यु होने की बात कही। काफी समय बाद जब गाव बालों  के द्वारा  इस खेल की जानकारी  हरीराम को मिली  तो उसके पैरों के  नीचे से जमीन खिसक गई। उसने इस खेल की लिखित शिकायत भी की  और खंड विकास अधिकारी  बांकेगंज  से अपने परिवार रजिस्टर की नकल मांगी जो आजतक नहीं दी गई।जिससे आहत हरीराम ने आर.टी. आई  के तहत  परिवार रजिस्टर की नकल  चाही  है। और विपक्षी गणों  द्वारा गोला आने पर मार डालने की धमकी दी जा रही है।
 
जिससे भयभीत हरीराम  अपनी पैरवी भी नहीं कर पा रहा था। पीड़ित ने सभी पुख्ता सबूत देते हुए  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता  समशेर  को आप बीती सुनाई।खबर प्रकाशित होने के बाद  फर्जीवाड़ा के इस गैंग में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त है। उक्त मामले पर तहसील इनके दार ने बताया कि मामला  उनके संज्ञान में अभी आया है  । शीघ्र ही मामले की जांच कराकर दोषी लोगों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं  लेखपाल भूपेन्द्र वर्मा से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क ना हो पाने क चलते उनके पक्ष की जानकारी नहीं हो सकी।
 

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