गलत इलाज से हुआ इंफेक्शन, हाथ कटवाने की नौबत मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत

 सीएम पोर्टल पर पीड़ित की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की ढुलमुल कार्रवाई, उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई कराने और न्यायोचित मुआवजा दिलवाने की मांग 

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बरेली/फतेहगंज पश्चिमी महानगर के एक काबिल डॉक्टर ने पेटदर्द का ऐसा इलाज किया कि गलत इंजेक्शन लगने की वजह से मरीज के बाएं हाथ में ऐसा इंफेक्शन हुआ कि उसका हाथ कटवाने की नौबत आ चुकी है।महीने भर में महंगे इलाज पर 50 हजार रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। सीएम जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई भी अब तक ढुलमुल ही रही है। 
 
थाना व विकास क्षेत्र फतेहगंज पश्चिमी के ग्राम खिरका जगतपुर के 54 वर्षीय सुनील कुमार गंगवार का पिछले लगभग एक साल से लिवर में खराबी की समस्या का शास्त्रीनगर बरेली स्थित डॉ. प्रेमस्वरूप के स्वरूप क्लीनिक में इलाज चल रहा था। पेटदर्द ज्यादा बढ़ने पर आठ जनवरी 2026 को डॉ. प्रेम स्वरूप को दिखाया तो उन्होंने कई दवाइयां दीं और इंजेक्शन भी लगाया।
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आरोप है कि गलत इंजेक्शन और दवाइयां देने से सुनील के बाएं हाथ में इंफेक्शन हो गया। हाथ सूजकर काफी मोटा हो गया। इस बीच एक पखवाड़े में डॉ. प्रेमस्वरूप को कई बार दिखाया लेकिन वह लगातार महंगे इंजेक्शन-दवाइयां देते रहे लेकिन हाथ की सूजन और दर्द कम होने के बजाय बढ़ता ही गया। डॉक्टर प्रेमस्वरूप द्वारा लिखे गए दवाइयों के पर्चों से भी यह सच्चाई साफ उजागर होती है। 26 जनवरी को डॉ. प्रेमस्वरूप ने मरीज सुनील कुमार को हायर सेंटर को रेफर कर दिया। 
 
दूसरे डॉक्टर को दिखाने पर उसने बताया कि इंफेक्शन खतरनाक हद तक पहुंच गया है और हाथ कटवाना भी पड़ सकता है। इस बीच महंगे इलाज पर 50 हजार रुपये से ज्यादा खर्चा हो चुका है। 8 हजार रुपये कीमत का तो एक ही इंजेक्शन लगवाना पड़ा है लेकिन अभी भी इंफेक्शन और दर्द बरकरार है।डॉक्टर के गलत इलाज से हाथ में संक्रमण होने और 50 हजार रुपये से ज्यादा खर्चे के बावजूद हाथ कटवाने की नौबत आने पर पीड़ित सुनील कुमार ने बीते दिनों मुख्यमंत्री के जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी।
 
पीड़ित सुनील कुमार का आरोप है कि शिकायत पर सीएमओ द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर आरोपी डॉ. प्रेमस्वरूप ने तथ्यों को तोड़मरोड़कर पेश करते हुए इलाज में लापरवाही से इन्कार कर दिया है और खुद को बेकसूर करार दिया है जो न्याय पर कुठाराघात है। उन्होंने सीएमओ से उच्चस्तरीय टीम से निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी डॉक्टर को दंडित करने और पीड़ित को उचित मुआवजा दिलवाने की पुरजोर मांग की है। 
 
क्या कहना है आरोपी डॉक्टर का?
इस बाबत आरोपी डॉक्टर प्रेमस्वरूप ने 26 जनवरी को सीएमओ बरेली को भेजे जवाब अपने लिखित स्पष्टीकरण में कहा है कि पेटदर्द की शिकायत पर मैंने तो सिर्फ डायनापार का एक इंजेक्शन लगाया था और कोई इंजेक्शन या दवा नहीं दी थी। इंफेक्शन कैसे हुआ मुझे पता नहीं है।

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