दरोगा अजय गौड़ की मौत पर उठे गंभीर सवाल, भाई ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप, पत्नी नें की CBI जांच की मांग

नवागत पुलिस अधीक्षक के स्वागत में व्यस्त रही बस्ती पुलिस, लापता दरोगा की तलाश हाशिये पर चली गई

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बस्ती। बस्ती जिले के थाना परशुरामपुर में तैनात रहे नगर उप निरीक्षक का शव सरयू नदी में मिलने के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लापता होने के कई दिन बाद रविवार को सरयू नदी में शव मिलने और शुरुआती जांच को लेकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
 
सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद अजय गौड़ के भाई, जो झांसी में एडीएम के पद पर तैनात हैं, ने साफ शब्दों में कहा कि बस्ती पुलिस ने उनके भाई को खोजने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस समय उनका भाई लापता था, उस समय पुलिस द्वारा खोजबीन को गंभीरता से नहीं लिया गया।
इस दौरान वह रो भी पड़े | उस समय पोस्टमार्टम हाउस पर उन्हें सान्तवना प्रदान करने के लिए CRO,एडिशनल एसपी श्याम कांत तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे |
 
दिवंगत दरोगा के भाई ने बताया कि अजय गौड़ की बाइक कोतवाली थाना क्षेत्र के अमहट घाट पर मिली, जहां आसपास लगातार पुलिस बल तैनात रहता है। उसी बगल में पुलिस अधीक्षक का आवास भी स्थित है, इसके बावजूद पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि बाइक वहां कौन और कैसे लेकर पहुंचा। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने संवेदनशील इलाके में घटना से जुड़ी कोई ठोस जानकारी अब तक सामने क्यों नहीं आई।
 
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कर रही है, जबकि यह काम पहले ही किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि यदि समय रहते तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और लोकेशन की गंभीरता से जांच होती, तो शायद आज हालात कुछ और होते।दिवंगत दरोगा की पत्नी और भाई ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अजय गौड़ के मोबाइल फोन और सीयूजी नंबर की कॉल डिटेल, अंतिम कॉल और अंतिम लोकेशन भी उन्हें उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी स्तर की लापरवाही या चूक को छिपाया न जा सके।
 
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने कहा कि प्रकरण की जांच लगातार की जा रही है। उनके अनुसार अभी तक की जाँच में अजय गौड़ की अंतिम लोकेशन सरयू नदी से लगभग पांच किलोमीटर पहले तक ट्रेस की जा चुकी है और आगे की लोकेशन को लेकर भी तकनीकी जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि अमहट घाट तक बाइक कैसे पहुंची, इसकी जांच टोल प्लाजा समेत अन्य संभावित रास्तों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
 
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि दरोगा अजय गौड़ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल कई टीमें जांच में लगी हुई हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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