सीएचसी से रेफर प्रसूताओं पर बिचौलियों की नजर, पीड़ित ने लगाया प्रसूता को बहकाकर निजी अस्पताल ले जाने का आरोप

म्योरपुर ब्लॉक अंतर्गत प्रसुताओं पर गिद्ध की नजर , जिम्मेदार मौन

अजित सिंह / राजेश तिवारी Picture
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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता 

म्योरपुर / सोनभद्र-

स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से रेफर की गई एक गर्भवती महिला को जिला अस्पताल ले जाने के बजाय निजी अस्पताल पहुंचाकर महंगे ऑपरेशन कराने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि रास्ते में सक्रिय एक बिचौलिये ने परिजनों को बहला-फुसलाकर राबर्ट्सगंज स्थित निजी अस्पताल में ले जाकर ऑपरेशन करा दिया और बाद में 40 से 50 हजार रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया।

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ग्राम पंचायत पड़री के बराईडॉड निवासी जयराम ने बताया कि वह अपनी गर्भवती पत्नी पूजा को इलाज के लिए सीएचसी लेकर गए थे, जहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रेफर के बाद जब वे एंबुलेंस से जिला अस्पताल जा रहे थे, तभी रास्ते में एक झोलाछाप चिकित्सक ने मदद का भरोसा दिलाकर अपनी निजी गाड़ी में बैठा लिया। उसने गांव की एक अन्य रेफर महिला को भी साथ ले लिया।

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परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल ले जाने के बजाय दोनों महिलाओं को एक निजी अस्पताल पहुंचा दिया गया, जहां बिना पूरी जानकारी दिए ऑपरेशन कर दिया गया और बाद में 50 से 60 हजार रुपये का बिल बना दिया गया। पीड़ित का कहना है कि झोलाछाप ने यह कहकर गुमराह किया कि निजी अस्पताल में डिलीवरी अधिक सुरक्षित और सस्ती होती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएचसी के आसपास कई बिचौलिये सक्रिय हैं, जो रेफर होकर आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को डराकर व झूठे आश्वासन देकर निजी अस्पतालों की ओर मोड़ देते हैं। इस नेटवर्क में कुछ आशा कार्यकर्ताओं की संलिप्तता की भी चर्चा है।

इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. पी.एन. सिंह ने बताया कि शिकायत लिखित रूप में प्राप्त हुई है और उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिना पंजीकरण चल रहे निजी अस्पतालों को सीज कराने के साथ ही आरोपी झोलाछाप और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के आसपास सक्रिय अवैध दलालों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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