महिला सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई -गीता विश्वकर्मा

महिला उत्पीड़न की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश, साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी

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अजित सिंह/राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें न्याय दिलाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक लहजे में कहा कि महिला हितों की रक्षा में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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जनसुनवाई में जनपद के विभिन्न हिस्सों से आई महिलाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और साइबर अपराध से संबंधित अपनी शिकायतें सदस्य के समक्ष रखीं। श्रीमती विश्वकर्मा ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।

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बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य ने महिलाओं को साइबर अपराध से बचाव के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया और इंटरनेट के उपयोग में सावधानी बरतना अनिवार्य है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करें। श्रीमती विश्वकर्मा ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न आपातकालीन सेवाओं की जानकारी साझा की और निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया। 1090- महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन पुलिस सेवा1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 15100 कानूनी सलाह हेतु, 102/108 स्वास्थ्य एवं एम्बुलेंस सेवा। 

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इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विद्या देवी, प्रोबेशन अधिकारी इन्द्रावती यादव और अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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