सूर्य के बेहद करीब रहस्यमयी हलचल, अंतरिक्ष एजेंसियां अलर्ट मोड में
सौर गतिविधि बढ़ने से सैटेलाइट और GPS पर खतरे की आशंका
वैज्ञानिकों को सूर्य के करीब एक अजीब हलचल दिखाई पड़ी, दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियां हाई अलर्ट पर, 24 घंटे में 27 सौर तूफान, सैटेलाइट और GPS पर डायरेक्ट असर
वैज्ञानिकों ने सूर्य की सतह और उसके आसपास असामान्य गतिविधियों को दर्ज किया है, जिसके बाद दुनियाभर की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार सूर्य के कोरोना क्षेत्र में तेज़ ऊर्जा विस्फोट, प्लाज़्मा के उछाल और चुंबकीय क्षेत्र में अचानक बदलाव देखे जा रहे हैं। कुछ वैज्ञानिक रिपोर्टों में बीते 24 घंटों के भीतर कई सौर तूफानों (Solar Storms) के सक्रिय होने का दावा किया गया है, जिसने अंतरिक्ष समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि इन गतिविधियों की तीव्रता और प्रभाव का आकलन अभी जारी है।
नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और भारत की इसरो समेत अन्य एजेंसियां सूर्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि सौर तूफान अत्यधिक शक्तिशाली होते हैं, तो उनका सीधा असर पृथ्वी की कक्षा में मौजूद सैटेलाइट्स, संचार प्रणालियों, GPS नेविगेशन, रेडियो सिग्नल और यहां तक कि बिजली ग्रिड पर भी पड़ सकता है। इससे हवाई यातायात, समुद्री नेविगेशन और डिजिटल सेवाओं में अस्थायी व्यवधान की स्थिति बन सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सूर्य इस समय अपने सौर चक्र (Solar Cycle) के अधिक सक्रिय चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां सनस्पॉट्स और सौर विस्फोटों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि फिलहाल पृथ्वी पर किसी बड़े विनाशकारी प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन सभी तकनीकी प्रणालियों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।
अंतरिक्ष एजेंसियों ने सैटेलाइट ऑपरेटरों और संचार कंपनियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वैज्ञानिक लगातार आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि यह सौर हलचल अस्थायी है या आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है। आने वाले 48 से 72 घंटे इस गतिविधि के प्रभाव को समझने के लिहाज़ से बेहद अहम माने जा रहे हैं।


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