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बगहा–बेलवनिया पुल निरस्तीकरण के विरोध में उबाल, एसडीएम को सौपा गया ज्ञापन
ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार
कुशीनगर । बगहा के शास्त्रीनगर से उत्तर प्रदेश के बेलवनिया तक प्रस्तावित पुल को निरस्त किए जाने के विरोध में क्षेत्रवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सर्वदलीय एवं आम जनता की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी बगहा को ज्ञापन सौंपकर पुल निर्माण कार्य को पूर्व स्वीकृत स्थल से ही शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि यह पुल बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफ लाइन है, जिससे पिपरासी प्रखंड सहित यूपी के जटहा, खड्डा, छितौनी, पनियहवा, नेबुआ, कप्तानगंज और गोरखपुर क्षेत्र के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता। पुल निरस्त होने से व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास पर गंभीर असर पड़ेगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में STMC की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मदनपुर–पनियहवा मार्ग का निर्माण पहले से बाधित है। भविष्य में यदि यह मार्ग बंद होता है तो बाल्मीकिनगर, हरनाटांड, सेमरा सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लोगों को 50 किलोमीटर से अधिक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।

सभा की अध्यक्षता फिरोज आलम ने की जबकि संचालन राकेश सिंह ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में पुल निरस्तीकरण के निर्णय को जनविरोधी बताते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रशासन से आग्रह किया गया कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह विषय माननीय मंत्री तक पहुंचाया जाए ताकि शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
इस दौरान जयनेन्द्र सिंह, अमरेश्वर सिंह, कामरान अज़ीज़, हृदयानन्द दूबे,
नागेंद्र सहनी, दयाशंकर सिंह, गिरिन्द्र पाण्डेय, अरविन्द नाथ तिवारी,
सुबोध चौहान, अजय साहनी, विशाल पाण्डेय, कामेश्वर तिवारी,
जुगनू आलम, विनय यादव, सुशील दूबे, रामाशंकर दूबे, उमेश गुप्ता, निवेदिता मिश्रा, बबलू यादव, श्रेयांशु कुमार, शैलेश जदुवंशी, प्रमोद रौनियार, अनिल सहनी, मो. राशिद, छोटे श्रीवास्तव, अशोक कुमार मिश्रा, दीपू जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, शांति देवी, माधुरी देवी, सुषमा सिंह, संदीप उर्फ़ गोलू सहनी, रविकेश पाठक, रंजीत राज शामिल रहे।

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