ओबरा ऊर्जा की राजधानी में सेवा का महायज्ञ, 26वें सप्ताह भी जारी रहा खिचड़ी का विशाल भंडारा

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ओबरा /सोनभद्र। उत्तर प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी नगर पंचायत और ऊर्जा की राजधानी के नाम से विख्यात ओबरा में जनसेवा की एक अनुपम मिसाल पेश की जा रही है। यहाँ नर सेवा ही नारायण सेवा के मंत्र के साथ स्थानीय सुभाष चौराहा स्थित हनुमान मंदिर के प्रांगण में पिछले छह महीनों से अनवरत चल रहा खिचड़ी भंडारा शनिवार को अपने 26वें पड़ाव पर पहुँच गया। 
 
जन-प्रतिनिधियों ने बढ़ाया सेवा का हाथ
इस सप्ताह के भंडारे का सफल आयोजन ओबरा नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 के सभासद दशरथ शुक्ला पिता परमेश्वर शुक्ला के सौजन्य से संपन्न हुआ। जन-प्रतिनिधियों की इस सक्रिय सहभागिता ने न केवल आयोजन को भव्यता प्रदान की, बल्कि सेवा समिति के मनोबल को भी और सुदृढ़ किया है। श्री राम सेवा समिति ने सभासद परिवार के इस उदार सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया।
 
पत्रकार अजीत सिंह के संकल्प से बनी जन-क्रांति
इस पुनीत कार्य की नींव संस्थापक व वरिष्ठ पत्रकार अजीत सिंह ने वर्ष 2026 की शनि अमावस्या को एक संकल्प के साथ रखी थी। भूखे भजन न होय गोपाला के सिद्धांत को जीवन में उतारते हुए अजीत सिंह ने अकेले यह सफर शुरू किया था, जो आज ओबरा में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। संघर्षों के बीच बोया गया यह बीज आज ओबरा के गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रहा है। भंडारे की इस निरंतरता और सफलता के पीछे एक निस्वार्थ टीम की कड़ी मेहनत है।
 
संस्थापक अजीत सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर निम्नलिखित सदस्य अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। नेतृत्व एवं प्रबंधन बाबूराम सिंह ,ओम प्रकाश सिंह, संकट मोचन झा और सर्वेश दुबे आदित्य वर्मा,। महिला शक्ति रीता कुमारी, सरिता सिंह अनीताशुक्ला और पुष्पा दुबे। सहयोगी दल करण जोगले, अमित गुप्ता, दीपक माली, दिलीप दत्त, सुजीत सिंह और।प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाला यह भंडारा न केवल लोगों की क्षुधा शांत कर रहा है, बल्कि समाज में एकता और समरसता की नई इबारत लिख रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऊर्जा की इस राजधानी में बिजली के उत्पादन के साथ-साथ अब सेवा की रोशनी भी चारों ओर फैल रही है, जो पूरे सोनभद्र जिले के लिए एक प्रेरणा है।

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