कृषि विवि में तैयार करना होगा फूलों की नर्सरी का हब
कुमारगंज [अयोध्या]। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के हाईटेक हाल में "उच्च तकनीक नर्सरी एवं गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री से ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाना" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह एवं उपकार के महानिदेशक डा. संजय सिंह, पूर्व वानिकी अधिष्ठाता डा. संजय पाठक ने दीप प्रज्वलन कर किया।
किसानों को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि विवि को गेंदा, गुलाब, मैरीगोल्ड फूलों की नर्सरी का हब बनाने पर कार्य करना होगा जिससे कि प्रतिदिन विवि का फूल राम मंदिर पहुंचे। यह नर्सरी विवि के मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए यह विश्वविद्यालय तीर्थ स्थल है। आस-पास के किसान विवि का भ्रमण करते हैं जिससे उनमें जागरुकता आती है।
कुलपति ने कहा कि पौधों को ग्राफ्टिंग कर गमलों में लगाना चाहिए जिससे किसानों की आय में आमदनी हो सके। उन्होंने किसानों को हर क्षेत्र में एक अच्छी नर्सरी तैयार करने की बात कही। कृषि अनुसंधान परिषद उत्तर प्रदेश [उपकार] के महानिदेशक डा. संजय सिंह ने कहा कि टीश्यू कल्चर लैब से चारों कृषि विवि में केले के साथ अन्य पौधों की नर्सरी तैयार कर रहा है। किसान को गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उपकार अपने विभिन्न परियोजनाओं एवं ट्रेनिंग के माध्यम से किसानों को सशक्त बना रहा है। महानिदेशक ने कहा कि विवि की विकसित टेक्नोलॉजी को ट्रेनिंग के माध्यम से किसानों तक पहुंचाना होगा, जिससे कि किसानों को अधिक उत्पादन का लाभ मिल सके। उपकार की परियोजना के माध्यम से आई.सी.ए.आर का सब्जी विभाग ग्राफ्टिंग के माध्यम से आठ स्टार्टप तैयार किया है और पहले वर्ष 10 लाख रुपये की आमदनी हुई है। प्रदेश के बाहर से वैज्ञानिक यहां आकर ट्रेनिंग ले रहे हैं जबकि अपने प्रदेश के कृषि वैज्ञानिक ट्रेनिंग में प्रतिभाग नहीं कर रहे हैं जो चिंता का विषय है।
फल विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. भानु प्रताप के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आयोजक सचिव डा. अतुल यादव ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में विवि के समस्त अधिष्ठाता, निदेशक, एफपीओ के निदेशक एवं आसपास के किसान मौजूद रहे।
