श्रीमद् भागवत कथा में ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि की उत्पत्ति का प्रसंग सुन श्रोता हुए मंत्र मुग्ध।

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गोला गोकर्णनाथ (खीरी)
 
तहसील क्षेत्र गोला के गांव कैमहरा में श्रीमद् भागवत कथा  में कथा व्यास ने ब्रह्म जी द्वारा सृष्टि की उत्पत्ति का प्रसंग सुनाया। नैमिषारण्य धाम से पधारे आचार्य शिवप्रकाश मिश्रा ने सुनाया कि ब्रह्मा जी के द्वारा सृष्टि की उत्पत्ति भगवान श्री हरि की नाभि से कमल और कमल से ब्रह्माजी उत्पन्न हुए, ब्रह्मा जी ने चारों तरफ देखा तो जल ही जल दिखाई पड़ता था। 
 
तब ब्रह्मा जी ने चारों दिशाओं की तरफ देखा तो चार सिर ब्रह्मा जी की हो गए उसी क्षण नारायण भगवान ने आकाशवाणी की तप करो ब्रह्मा जी ने तप किया 100 वर्षों तक तब नारायण भगवान ने सृष्टि के रचना करने का आदेश दिया चतुर्थ श्लोकी भागवत का ज्ञान दिया उसी के आधार पर ब्रह्मा जी ने सृष्टि के रचना की।
 
अनेक अनेक कथा प्रसंग सुनाए ब्रह्मा जी के एक पुत्र थे दक्ष  ब्रह्मा जी ने दक्ष जी को प्रजापतियों का नायक बनाया जिससे दक्ष को अभियान आया और अभियान में आकर के दक्ष जी ने शंकर जी का अपमान किया जिससे शंकर जी के गानों दक्ष के सर को उखाड़ करके हवन कुंड में डाल दिया तब शंकर जी ने दक्ष के बकरे का सर फिट कर दिया। श्रीमद् भागवत कथा में आए तमाम श्रोतागण ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि की उत्पत्ति का प्रसंग सुन मंत्र मुग्ध हो गए।

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