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टोल प्लाज़ा में दरिंदगी का पर्दाफाश:।
दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकियों का सनसनीखेज मामला दर्ज।
स्वतंत्र प्रभात।
ब्यूरो प्रयागराज
पीड़िता के बयान से हिल उठा बारा क्षेत्र, चार कर्मियों पर 376(2)(n), ब्लैकमेलिंग और अवैध बंधक बनाने का केस — पुलिस की टीम ने शुरू की गहन जांच बारा थाना क्षेत्र में सामने आया एक ऐसा सनसनीखेज मामला जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। गन्ने हर्रो उमापुर टोल प्लाज़ा के कर्मियों पर एक वाहन चालक की पत्नी के साथ अमर्यादित व्यवहार, जबरन रोकना, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और बार-बार दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता ने जो बयान दिया उसने टोल प्लाज़ा की चमकदार दीवारों के पीछे छिपे काले सच की पोल खोल दी।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आईपीसी की धारा 376(2)(n), 343, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन धाराओं से साफ होता है कि आरोप कितने भयावह और गंभीर प्रकृति के हैं। मुकदमे में जिन आरोपियों के नाम शामिल हैं उनमें टोल संचालन से जुड़े शैलेश पांडे, बृजेश पांडे पुत्र रामप्रसाद, विकास दुबे और संतोष दुबे के नाम सामने आए हैं।
चारों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस की विशेष टीम मौके पर जांच कर रही है। पुलिस ने टोल प्लाज़ा परिसर और संबंधित स्थानों का निरीक्षण कर मोबाइल रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज समेत कई तरह के साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस जांच को और गहराई में ले जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि टोल प्लाज़ा पर कर्मचारियों की दबंगई और मनमानी की शिकायतें पहले भी आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला बेहद शर्मनाक और आपराधिक है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह घटना टोल प्लाज़ा पर लंबे समय से चल रही गड़बड़ियों और मनमानी का असली चेहरा सामने लाती है।
उधर पुलिस अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा है कि विवेचना निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िता की सुरक्षा, बयान और मेडिकल सहित सभी कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। घटना ने सोशल मीडिया से लेकर बाजारों तक भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और लोग आरोपी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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