राजनीति
फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलेगा अभियान।
घर घर जाकर खिलाई जाएंगी फाइलेरिया से बचाव की दवा।
प्रयागराज -स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लिम्फेटिक फाइलेरियासिस (हाथी पांव) के उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए/आई०डी०ए०राउण्ड) का आयोजन किया जा रहा है। जोकि 10 फरवरी से 25 फरवरी तक चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत, लक्षित क्षेत्रों में घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया जाएगा।
लिम्फेटिक फाइलेरियासिस एक गंभीर बीमारी है जो मच्छरों के काटने से फैलती है। इस बीमारी के कारण शरीर के लटकते हुए अंगों में सूजन आ जाती है, जिससे व्यक्ति को विकलांगता का सामना करना पड़ता है। फाइलेरिया के लक्षण संक्रमण होने के 5 से 15 वर्षों के बाद नजर आते हैं, एक बार बीमारी हो जाने पर इसका कोई इलाज नहीं है। ऐसे में बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है। सर्वजन दवा सेवन अभियान में खिलाई जा रही दवाओं के सेवन से इसे रोका जा सकता है।
इस बार यह अभियान जनपद के सिर्फ 5 ब्लॉक -हण्डिया, कौड़िहार, कोरांव, प्रतापपुर एवं सैदाबाद में चलाया जाएगा। क्योंकि गत वर्ष हुए अभियान के बाद चलाए गए नाइट ब्लड सर्वे में इन ब्लॉक में माइक्रो फाइलेरिया रेट एक से अधिक आया है, जबकि बाकी जगह एक से कम आया है।
एमडीए अभियान के तहत, स्वास्थ्य कार्यकर्ता इन ब्लॉक में घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं (डीईसी, आइवरमेक्टिन और एल्बेंडाजोल) खिलाएंगे। दवा सिर्फ एक साल से छोटे बच्चे, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं को नहीं खानी है। यह दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इनका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।
दवा खाली पेट न खाएं और दवा खाने के बाद यदि कोई खुजली, चकत्ते जैसी परेशानी होती है तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में फाइलेरिया के कीटाणु पहले से उपस्थित थे जो अब मर रहे हैं, इसे शुभ संकेत माना जाए, किसी भी परेशानी के लिए प्रत्येक ब्लॉक पर बनी रैपिड रिस्पॉन्स टीम से संपर्क करें।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आएं और दवाएं खाकर इस बीमारी के उन्मूलन में सहयोग करें।
जनपद का लक्ष्य
जनपद में यह अभियान सिर्फ इन ब्लॉक हंडिया, प्रतापपुर, सैदाबाद, बहरिया एवं कोरांव में चलेगा, जिसमें 1512005 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। जिसके लिए 1212 टीम बनाई गयी हैं, जो घर घर जाकर दवा का सेवन कराएंगी। वर्तमान में जनपद में 1781 फाइलेरिया के मरीज हैं।


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