भारत ने पाकिस्तान में जासूसी एजेंसी रॉ से हत्याएं कराईंः वॉशिंगटन पोस्ट का दावा।
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स्वतंत्र प्रभात।
अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट का कहना है कि भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) ने कथित तौर पर 2021 के बाद से पाकिस्तान में लगभग आधा दर्जन लोगों को मारने के लिए एक व्यवस्थित हत्या कार्यक्रम को अंजाम दिया। रॉ द्वारा कराई गईं योजनाबद्ध छह ऐसी हत्याएं ठीक उसी तरह थीं, जिस तरह यूएस और कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादियों को कथित तौर पर मारने या साजिश रचने का अभियान चलाया गया।
अखबार ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से कहा कि पाकिस्तान में हत्याएं भारतीय नागरिकों ने नहीं बल्कि पाकिस्तान के छोटे अपराधियों के गैंग या अफगानिस्तान के कॉन्ट्रैक्ट किलर्स द्वारा की गईं। रॉ ने कथित तौर पर दुबई में रहने वाले कारोबारियों को बिचौलिया बनाकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में निगरानी करने, हत्याएं करने और हवाला या अनौपचारिक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क के जरिये भुगतान की व्यवस्था के लिए अलग-अलग टीमें भी थीं। यानी ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए रॉ ने हवाला रैकेट भी चलाया।
यह बड़ा ही अजीबोगरीब है कि भारत में हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त कानून हैं और सरकार आये दिन मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई करती है। लेकिन दूसरी तरफ वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट बता रही है कि भारत सरकार की खुफिया एजेंसी खुद हवाला रैकेट चला रही थी, जिसके तार दुबई से लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक फैले हुए थे।
अखबार के मुताबिक 2022 में ऐसी ही एक कथित हत्या जहूर मिस्त्री की हुई थी। जहूर के बारे में कहा जाता है कि उसने 1999 में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान के अपहरण के दौरान एक भारतीय यात्री की हत्या कर दी थी। अज्ञात पाकिस्तानी अधिकारियों ने द वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि एक महिला जो खुद को तनाज़ अंसारी कहती थी, वो जहूर मिस्त्री की हत्या ऑपरेशन में शामिल थी।
तनाज़ अंसारी ने कथित तौर पर जहूर मिस्त्री का पता लगाने के लिए दो पाकिस्तानियों को, उसे गोली मारने के लिए दो अफगान नागरिकों को और हत्या में शामिल लोगों को कम से कम 5,500 डॉलर या लगभग 4.7 लाख रुपये भेजने के लिए दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया के तीन अन्य लोगों को काम पर रखा था।
वाशिंगटन पोस्ट ने अज्ञात पाकिस्तानी अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि माना जाता है कि यह महिला एक भारतीय एजेंट थी और वह 1990 के दशक में कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी नेता सैयद खालिद रज़ा की हत्या में भी कथित तौर पर शामिल थी।
अक्टूबर 2023 में, 2016 के पठानकोट हमले के कथित मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ़ को पाकिस्तानी जिले सियालकोट में गोली मार दी गई थी, उस समय की रिपोर्टों में कहा गया था कि हत्या अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई थी। वॉशिंगटन पोस्ट ने आरोप लगाया कि मुहम्मद उमैर नाम के एक मजदूर के नेतृत्व में लोगों के एक समूह ने लतीफ को गोली मार दी थी।
बाद में उमैर को गिरफ्तार कर लिया गया और कहा गया कि उसने स्वीकार कर लिया है कि पिछले ऐसे प्रयासों के विफल होने के बाद उसे लतीफ को व्यक्तिगत रूप से मारने के लिए दुबई से भेजा गया था।
अखबार की रिपोर्ट में कहा गया कि उमैर ने कथित तौर पर दुबई में एक सुरक्षित घर या छिपने की जगह का भी खुलासा किया। शाहिद लतीफ की हत्या के बाद पाकिस्तानी एजेंट इसी सुरक्षित घर में छिप गए। यह मकान दो किरायेदारों अशोक कुमार आनंद सलियन और योगेश कुमार के नाम पर था।
भारत के विदेश मंत्रालय ने आरोपों पर वॉशिंगटन पोस्ट को प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। इससे पहले भी भारतीय अधिकारियों ने खास हत्याओं में अपनी भूमिका की न तो पुष्टि की है और न ही इनकार किया है, लेकिन कहा है कि ऐसी हत्याएं आधिकारिक नीति का हिस्सा नहीं थीं।
रॉ के पिछले ऑपरेशन वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में आये ताजा आरोपों से 8 महीने पहले रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) पर गुरपतवंत सिंह पन्नूं की अमेरिका में हत्या की कथित साजिश रचने और कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप है।
पन्नू और निज्जर खालिस्तानी अलगाववादी नेता हैं। वॉशिंगटन पोस्ट ने 29 अप्रैल 2024 को दावा किया था कि विक्रम यादव नाम का एक रॉ अधिकारी दोनों साजिशों में शामिल था। अक्टूबर में, पन्नू की हत्या की कथित साजिश के संबंध में अमेरिका के न्याय विभाग ने विक्रम यादव पर भाड़े के बदले हत्या और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया था। यूएसए और कनाडा में दोहरी नागरिकता रखने वाले पन्नू को मारने से पहले ही उस साजिश को अमेरिका खुफिया एजेंटों ने नाकाम कर दिया था।
निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंध तनावपूर्ण हो गए। सितंबर 2023 में, कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि वैंकूवर के पास सरे में निज्जर की हत्या भारत सरकार के एजेंटों ने की है। कनाडा के खुफिया एजेंसी को इसकी जांच सौंपी गई थी। जिन्होंने आरोपों को सही पाया था।
निज्जर खालिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता थे। खालिस्तान भारत में सिखों के लिए एक अलग देश मांग रहा है। निज्जर को भारत ने खालिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख बताया था। भारत में इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। बहरहाल, कनाडा के आरोपों को भारत ने "बेतुका और प्रेरित" कहकर खारिज कर दिया और कहा कि ये कनाडा द्वारा इस तथ्य से ध्यान हटाने का एक प्रयास था। क्योंकि खुद कनाडा उन लोगों को शरण दे रहा है जो भारत की संप्रभुता के लिए खतरा थे।
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