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मनोरमा की सफाई के लिएप्रशासन व समाजसेवियों की संयुक्त बैठक सम्पन्न
चैत्र रामनवमी से पहले मखौड़ा धाम सहित मनोरमा नदी के प्रमुख घाटों की सफाई होगी — डीसी मनरेगा
बस्ती।
बस्ती जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पांडे द्वारा मनोरमा नदी की सफाई को लेकर चल रहे जनजागरण अभियान के क्रम में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी के निर्देश पर डीसी मनरेगा संजय शर्मा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ समाजसेवी व भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय “सुदामा” तथा उनके सहयोगियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में डीसी मनरेगा ने श्री पाण्डेय को बताया कि आपके द्वारा भेजे गए पत्र के क्रम में पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के प्रयासों से एक सप्ताह पूर्व दो दिनों के लिए आयी केन्द्रीय जल आयोग/गंगा समिति की टीम द्वारा मनोरमा नदी का सर्वेक्षण कराया गया है। आयोग द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्ताव के अनुसार नदी की दीर्घकालिक समस्या के समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय “सुदामा” ने स्पष्ट रूप से कहा कि मनोरमा नदी केवल जलधारा नहीं बल्कि जनपद की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके संरक्षण और स्वच्छता के लिए समाज और प्रशासन दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।यह बैठक केवल केंद्र सरकार या गंगा समिति की कार्यवाही जानने के लिए नहीं है, बल्कि 5 फरवरी को दिए गए मांगपत्र के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले ठोस कदमों पर चर्चा के लिए है। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई सुनिश्चित करना, प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना और अतिक्रमण हटाना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बैठक में रोटरी क्लब के पूर्व जिलाध्यक्ष मयंक श्रीवास्तव ने आगामी रामनवमी मेले को देखते हुए मेला प्रशासन की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की। वहीं भाजपा नेता जगतबली सिंह ने नदी में मलवे के कारण हुई दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। जिला पंचायत सदस्य विनोद चौधरी और डॉ. प्रेम त्रिपाठी ने नदी किनारों पर बढ़ते अतिक्रमण पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।
करीब दो घंटे चली गहन चर्चा के दौरान श्री पाण्डेय ने कहा कि यदि बैठक में ठोस निर्णय नहीं निकलता तो प्रशासन को अगली बैठक बुलाकर स्पष्ट कार्ययोजना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नदी की सीमा से अतिक्रमण हटाना, गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई करना, पौराणिक स्थलों के पास घाटों की सफाई कराना तथा मूर्ति विसर्जन को नदी की मुख्य धारा से अलग सुरक्षित स्थान पर सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि चैत्र रामनवमी से पूर्व मखौड़ा धाम, शिवाला घाट, तपसीधाम, झुंगीनाथ, पंडूल घाट सहित नदी तट पर स्थित लगभग एक दर्जन प्रमुख घाटों और करीब 10–12 किलोमीटर नदी क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही मूर्ति विसर्जन के लिए नदी किनारे सुरक्षित स्थान तैयार किया जाएगा। नदी में मल-मूत्र, कूड़ा-कचरा या अपशिष्ट डालने वालों तथा मांस-मछली की दुकानों की निगरानी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, घाघरा नदी को मनोरमा से जोड़ने तथा पूरी नदी की व्यापक सफाई के लिए जिलाधिकारी के निर्देश व गंगा समिति के प्रस्ताव के अनुरूप आगे की कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में सिंचाई एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ-साथ महेंद्र प्रताप सिंह, राहुल शर्मा, रामधीरज चौधरी,गिरजा शंकर द्विवेदी, देवशरण शुक्ल, विशाल मिश्र सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता व क्षेत्रीय प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
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