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लालगंज तहसील क्षेत्र में नहीं है बड़ी हॉस्पिटल की व्यवस्था घटना के बाद हॉस्पिटल ना पहुंचकर रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं मरिज।
ग्रामीण बेहतर स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य के लिए गांव से पलायन करके भाड़े का कमरा लेकर शहरों में रहने के लिए है मजबूर।
हलिया मीरजापुर।
संवाददाता प्रवीण तिवारी
मीरजापुर। मिर्जापुर जिले मे एक तहसील लालगंज पड़ता है जहां पर लोगो को सही समय पर नहीं मिल पाता सरकारी इलाज की व्यवस्था लालगंज क्षेत्र का क्षेत्रफल इतना लंबा है। लालगंज क्षेत्र में सिर्फ एक सीएससी केंद्र बनाया गया है बाकी न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं जहां पर सिर्फ मरीजों को रेफर किया जाता है रेफर होते-होते मरिज ट्रामा सेंटर बहुत कम मरीज पहुंच पाते हैं बाकी मरिज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं ऐसी स्थिति में लालगंज तहसील क्षेत्र के लोगों का मांग है।
कि लालगंज तहसील क्षेत्र में एक ट्रामा सेंटर बनाया जाए जिससे क्षेत्रफल लंबा होने के नाते लोगों का जान बचना शुरू हो जाएगा प्रतिदिन लालगंज क्षेत्र मे बड़ी-बड़ी घटनाएं दुर्घटनाएं होती रहती हैं नहीं मिल पाता लोगों को बेहतर इलाज ग्रामीणों का माने तो लालगंज ब्लॉक मुख्यालय में लगभग 53 ग्राम पंचायत जुड़ते हैं और हलिया विकासखंड में लगभग 79 ग्राम पंचायत जोड़े जाते हैं जिसमें सबसे ज्यादा क्षेत्रफल लंबा हलिया का है।
जहां पर कोई समुचित इलाज की व्यवस्था मरीजों को नहीं मिल पाता है हलिया क्षेत्र से दक्षिण के तरफ न्याय पंचायत उमरिया पड़ता है जहां से लोग कई किलोमीटर का यात्रा करके तब हलिया मुख्यालय पहुंचते हैं वही हलिया से पूर्वी तरफ मतवार न्याय पंचायत पड़ता है जहां पर आजादी के बाद लोगों ने नहीं किया सड़क का दर्शन आज भी लोग गड्ढे और कीचड़ के रास्ते चलने पर है मजबूर मतवार न्याय पंचायत से मरीजों को लेकर एंबुलेंस हलिया लगभग डेढ़ से 2 घंटे में पहुंचती है।
बड़ी घटना होने के काफी देर बाद पहुंचती है सरकारी वाहन जिससे लालगंज व हलिया की जनता सरकार से मांग करना चाहती है। कि लालगंज क्षेत्र में एक बड़ी हॉस्पिटल का प्रावधान किया जाए जिससे लोगों को सही उपचार व घटनाओं से बचाया जा सके जबकि हकीकत यह है कि हलिया क्षेत्र के लोग बेहतर स्वास्थ्य व बेहतर बच्चों के भविष्य के लिए पलायन करके शहरों में मकान भाड़े का लेकर बच्चों का भविष्य बना रहे हैं।
आज भी लालगंज तहसील को लोग पिछड़ इलाके के नाम से जानते हैं ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए झोलाछाप डॉक्टरों के यहां जाते हैं जहां पर ग्रामीणों का सिर्फ और सिर्फ शोषण किया जाता है बड़ी सरकारी हॉस्पिटल होने पर गरीब नहीं होंगे झोलाछाप डॉक्टरों के शिकार आज भी लालगंज तहसील में गरीबी का सिलसिला देखने को मिलता है जहां पर लोग झुकी झोपड़ी में ही निवास आज भी करते हैं ऐसे स्थिति में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जटिल समस्या से अवगत कराना चाहते हैं कि एक तहसील क्षेत्र में बड़ी अस्पताल बनाया जाए जिससे लोगों को राहत मिल सके।


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