हरला में रासलीला महोत्सव के सातवें दिन सुदामा चरित्र ने दर्शकों को किया भाव-विभोर

सुदामा चरित्र की भावुक प्रस्तुति ने रासलीला महोत्सव में बांधा समां

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
Published On

स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता मनोज कुमार 
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश
 

धनरूआ। प्रखंड के हरला गांव में चल रहे भव्य रासलीला महोत्सव के सातवें दिन बरसाना वृंदावन से आए व्यास श्री नंदकिशोर जी के कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जी की मित्रता पर आधारित सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक मंचन किया गया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

रासलीला में सुदामा जी के गरीबी भरे जीवन, पत्नी सुशीला द्वारा श्रीकृष्ण से मिलने के लिए प्रेरित करने तथा द्वारका पहुंचने तक की कथा का सुंदर चित्रण किया गया। जैसे ही द्वारपाल से सुदामा का नाम सुनकर भगवान श्रीकृष्ण नंगे पांव अपने मित्र से मिलने दौड़ पड़े, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।सुदामा चरित्र की भावुक प्रस्तुति ने रासलीला महोत्सव में बांधा समां

मंचन में दिखाया गया कि श्रीकृष्ण ने अपने बाल सखा सुदामा को प्रेमपूर्वक महल में सिंहासन पर बैठाया और उनके चरणों को अपने आंसुओं से धोया। सुदामा द्वारा लाए गए चावलों को श्रीकृष्ण ने बड़े प्रेम से ग्रहण किया। कथा के अंत में श्रीकृष्ण की कृपा से सुदामा की दरिद्रता दूर होकर महल में परिवर्तित होने का दृश्य दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों के संवाद, संगीत और अभिनय ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

13 लाख की लागत से बना आरआरसी सेंटर पड़ा अनुपयोगी, ग्रामीणों में नाराजगी। Read More 13 लाख की लागत से बना आरआरसी सेंटर पड़ा अनुपयोगी, ग्रामीणों में नाराजगी।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें