अम्बेडकर दिवस की पूर्व संध्या पर न्यायाधीश ने विधि महाविद्यालय में किया जागरूकता शिविर

छात्र-छात्राओं को बाल विवाह तथा बाल श्रम अभियान के बंध में जागरूक किया गया।

राजेश तिवारी Picture
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सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-

अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के तत्वावधान में जयंती व कानूनी साक्षरता एवं महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वालम्बन हेतु "मिशन शक्ति' विशेष अभियान and POSCH Act 2013 on Topic "Sexual Harassment of women on work place विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राहुल, सिविल जज, सी०डि०/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र न्यायाधीश राहुल ने संत कीनाराम विधि महाविद्यालय, सोनभद्र में शिविर का आयोजन किया।

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 कार्यकम के दौरान शमशेर बहादुर सिंह, चीफ एल ए.डी.सी. तथा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य गोपाल सिंह, अन्य शिक्षकगण एवं 95 बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।इसी क्रम में राहुल, सिविल जज, सीडी / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने महिला स्टाफ एवं बालक-बालिकाएं को अम्बेडकर जयती की पूर्व संन्ध्या पर बताया कि यह अवसर भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार करने वाले उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का है, जिसकी दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामयी जीवन का अधिकार मिला इसे समानता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

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उन्होंने सिद्ध किया कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने समाज को शिक्षित होने और समानता के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया तथा समानता का अधिकार, शिक्षा व समानता का संवैधानिक अधिकार, शिक्षा ही विकास, सामाजिक सुधार, अनिवार्य शिक्षा, कानूनी अधिकार के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।

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प्रधानाचार्य गोपाल सिंह एवं शमशेर बहादुर सिंह, चीफ एल.ए.डी.सी. द्वारा अम्बेडकर जी के जीवनी के बारे में बताया तथा उपस्थित बालक-बालिकाओं को उनके शिक्षा के अधिकार, जातिगत भेदभाव महिलाओं के मौलिक अधिकारों के बारें में विस्तृत जानकारी दी।

न्यायाधीश राहुल सिविल जज सी०डी०/ सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा भारतीय दण्ड सहिता धारा 354 के तहत ईव टीजिंग (लड़की को छेड़ना) तथा कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध व निवारण) अधिनियम 2013, सेनेटरी नैपकिन योजना, दहेज प्रतिषेध कानून, घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005, लैंगिक अपराधों से संरक्षण कार्यस्थल पर यौन शोषण संबंधी अधिनियम, गर्भ का चिकित्सीय

समापन अधिनियम 1971 बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, गिरफ्तारी से पूर्व गिरफ्तारी के समय एवं उसके बाद महिलाओं के अधिकार संबंधी प्रावधान व कानून, पूर्वगर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत महिलाओं को निःशुल्क विधिक सेवा प्राप्त करने के अधिकार के बारे में उन्हे जागरूक किया गया।

तथा महिला हेल्पलाइन नं0 1090 एवं नालसा पोर्टल 15100 हेल्पलाइन नं० "Sex Selection Decline in child sex ratio under PCPNDT Act" (LGBTQIA) एवं विभिन्न साइबर क्राइम, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, यौन उत्पीडन, नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य व हेल्पलाइन नंबर 15100, नशीली दवाइयां के दुष्परिणाम साइबर अपराध आदि के बारे में जानकारी दी गई।

नालसा मानसिक बीमारी वाले व्यक्तियों और बौद्धिक विकलांग व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजना 2024, यौन उत्पीड़न, नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य विधिक जागरूकता शिविर में उपस्थित छात्र-छात्राओं को बाल विवाह तथा बाल श्रम अभियान के बंध में जागरूक किया गया।

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