लखनऊ में स्वर्णकार समाज की शक्ति प्रदर्शन, राजनीतिक भागीदारी की बुलंद मांग
रविन्द्रालय भवन में जुटा प्रदेशभर का समाज
ब्युरो /कार्यालय गोरखपुर (रिपोर्ट- रामजी बर्मा)
गोरखपुर /लखनऊ। चारबाग स्थित रविन्द्रालय भवन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए स्वर्णकार संगठनों ने एक मंच पर एकत्र होकर अपनी एकजुटता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के कोने-कोने से भारी संख्या में स्वर्णकार समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान समाज ने यह संदेश दिया कि अब वह केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है।
राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर उठी आवाज
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न जिलों से आए सोनार समिति के प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि स्वर्णकार समाज का देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बावजूद इसके, राजनीतिक प्रतिनिधित्व में समाज की अनदेखी होती रही है। वक्ताओं ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से मांग की कि आगामी विधानसभा चुनाव में स्वर्णकार समाज को उचित भागीदारी दी जाए, ताकि समाज की आवाज सदन तक पहुंच सके।
गोरखपुर और आसपास जिलों की रही सक्रिय भागीदारी
Read More राप्ती नदी में डूबे युवक का शव तीसरे दिन बरामद:बलरामपुर में दो साथियों के साथ के साथ नहाने गया थाकार्यक्रम में गोरखपुर से सर्राफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जिसमें रामजी वर्मा, महेश वर्मा, संजय वर्मा, चंदन वर्मा और विकास वर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संत कबीर नगर से रुपेश वर्मा, श्याम सुंदर वर्मा, विवेकानंद वर्मा और शिव वर्मा ने भी अपने विचार रखे। पीपीगंज क्षेत्र से गंजू वर्मा और केसी वर्मा की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
पूर्वांचल के जिलों से उमड़ा जनसैलाब
देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर (बांसी) सहित कई जिलों से सैकड़ों की संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्वर्णकार समाज अब संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए तैयार है।
एकजुटता बनाए रखने का लिया संकल्प समस्त 
कार्यक्रम के अंत में सभी संगठनों ने एकजुट रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज को राजनीतिक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व मिलता है, तो यह पूरे प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही भविष्य में और बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।


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