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सोनभद्र में अधिवक्ताओं ने जयंती के पूर्व संध्या पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को किया याद
- रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन भवन में हुआ आयोजन
- बाबा साहब के कार्यों को याद करते हुए मार्ग के अनुशरण का संकल्प लिया
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित डीबीए भवन में सोमवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र द्वारा जयंती की पूर्व संध्या पर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को याद किया गया। अधिवक्ताओं ने बाबा साहब के कार्यो को याद करते हुए उनके मार्ग का अनुशरण करने का संकल्प लिया।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह एडवोकेट ने सर्वप्रथम बाबा साहब की प्रतिमा/ मूर्ति पर माल्यार्पण किया। सभी अधिवक्ताओं ने भी पुष्प अर्पित किया।डीबीए अध्यक्ष ने केक काटकर एक दूसरे को केक खिलाकर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की धूमधाम से जयंती मनाई।
पूर्व अध्यक्ष जगजीवन सिंह एडवोकेट ने कहा कि अंबेडकर जयंती का पहला सार्वजनिक आयोजन 14 अप्रैल 1928 को पुणे में अंबेडकरवादी और सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन सदाशिव राणापिसे द्वारा किया गया था, जिन्होंने बाबासाहेब की जयंती मनाने की परंपरा की शुरुआत की। स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह आयोजन अब राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मनाया जाने लगा है।
पूर्व अध्यक्ष श्याम बिहारी यादव एडवोकेट ने कहा कि डॉ.अंबेडकर ने सिर्फ संविधान ही नहीं लिखा, बल्कि एक अलग भारत की कल्पना की। एक ऐसा भारत जहां किसी व्यक्ति का मूल्य उसके जन्म से निर्धारित न हो, जहां प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समान अधिकार प्राप्त हो, और जहां सबसे वंचित लोगों को न केवल बोलने का अधिकार हो, बल्कि वोट देने का भी अधिकार हो। अंबेडकर जयंती इस बात की याद दिलाती है कि उस दूरदृष्टि ने भारत को कितनी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, और अभी भी उसे कितनी दूर जाना बाकी है। जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता डीबीए अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह एडवोकेट व संचालन महामंत्री राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट ने किया।
जयंती के अवसर पर हीरालाल पटेल, पवन कुमार सिंह,राजेश कुमार यादव, प्रेम प्रताप विश्वकर्मा, प्रदीप कुमार मौर्य, पंकज यादव, विजय प्रकाश शुक्ला,महेंद्र आर्य, रविंद्र पटेल, आकृति निर्भया, शांति वर्मा, कामता यादव,सरस्वती देवी, द्वारिका प्रसाद नागर, चंद्र प्रकाश सिंह, सुरेश सिंह कुशवाहा, दसरथ यादव, सुमन, रामचंद्र भारत आदि लोग मौजूद रहे।


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