उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल
अस्पतालों में घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरणों की आपूर्ति शातिर दलालों द्वारा बाजार दर से कई गुना अधिक दर पर....
लखनऊ -उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l

उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन के अधिकारियों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के पूर्व कर्मचारी और प्रबंधक उपकरण रहे सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति की तैयारी चल रही है l
Read More पुलिस थानों में काम कर रहे सीसीटीवी की कमी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव को तलब कियासिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह वर्तमान में असम सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन में वरिष्ठ प्रबंधक उपकरण के पद पर तैनात हैं और बिहार सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन से भर्ष्टाचार में बर्खास्त कर्मचारी हैं, बिहार मेडिकल कॉरपोरेशन में वर्ष 2014 में हुए उपकरण घोटाले में सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह, उज्जवल कुमार और उनके बॉस त्रिपुरारी कुमार बर्खास्त हुए थे, उक्त घोटाले में आठ कर्मचारी बर्खास्त हुए थे और वहां भी यह लोग सरकार की बजाय शातिर दलालों के साथ काम करते रहे थे l

हमेशा घोटाले में लिप्त रहने वाले और शातिर दलालों को फायदा पहुंचाने वाले सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह का शातिर दलालों के साथ गठजोड़ बहुत पुराना है, सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन में प्रबंधक उपकरण के पद पर थे, तब उनके भ्रष्टाचार की गाथाएं मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी, कठोर कार्रवाई होने के डर से सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन की नौकरी से इस्तीफा देकर आसाम भाग गया था l

भष्टाचार के कारन महाप्रन्धक उपकरण उज्जवल कुमार की विदाई के बाद शातिर दलालों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर अपने खास व्यक्ति की नियुक्ति कराने का खेल चल रहा है, जिससे कि प्रदेश के अस्पतालों में घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरणों की आपूर्ति शातिर दलालों द्वारा बाजार दर से कई गुना अधिक दर पर की जा सके और जमकर लूट मचाकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्वस्त किया जा सके,
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इसका संज्ञान लेना होगा अगर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति महाप्रबंधक उपकरण के पद पर होती है तो यह सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लंघन होगा
अगले अंक में नए घोटाले के खुलासे के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम...........


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