शिवद्वार मंदिर परिसर में श्री शंकर रामलीला समिति द्वारा आयोजित चार दिवसीय रामलीला का समापन
रामलीला के माध्यम से विश्व कल्याण, लोक शांति, सामाजिक संगठन, सनातन उत्थान, धर्म प्रचार प्रसार आदि मुख्य उद्देश्य रहा।
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-
जनपद अन्तर्गत घोरावल तहसील क्षेत्र के शिवद्वार मन्दिर प्रांगण में श्री शंकर रामलीला समिति द्वारा विगत वर्षों कि भांति इस वर्ष भी 77 वें रामलीला मंचन का चार दिवसीय आयोजन सोमवार को रात 9 बजे से देर रात तक धनुष यज्ञ के साथ समापन हुआ।
किरदार हार्दिक राम, कान्हा लक्ष्मण, सुबास गिरी, मारीच राजेश्वर राम शुक्ल, विश्वामित्र जगदीश मिश्र, परशुराम नीतीश शुक्ल ने निभाई।रामलीला समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार रामलीला के माध्यम से विश्व कल्याण, लोक शांति, सामाजिक संगठन, सनातन उत्थान, धर्म प्रचार प्रसार आदि मुख्य उद्देश्य है।
रामलीला समिति के अध्यक्ष श्रीकांत दुबे ने बताया कि श्री शंकर रामलीला समिति सन 1950 में प्रथम मंचन प्रारंभ हुई जिसके संस्थापक स्व. रामलखन तिवारी थे सन् 1962 में रामलीला विस्तृत रूप से अक्षयवर वर्मा राम मिश्र के अध्यक्षता में की गई। जिसका लंबे काल तक नेतृत्व स्व श्यामधर मिश्र कि अध्यक्षता में चला, वर्तमान में सच्चितानंद मिश्र द्वारा नेतृत्व किया जा रहा हैं। रामलीला समिति द्वारा 77 वें वर्ष में भगवान के लीला का मंचन प्राचीन समय चली आ रही है।
इस अवसर पर रामलीला मंचन में ब्रह्मानंद, शरद, सच्चितानंद, रवि, धीरेन्द्र, अमित, नंदकुमार, नंदू, जगदीश, शिवद्वार मन्दिर के पुजारी सुबास गिरी, मंदिर समिति के अध्यक्ष रविंद्र कुमार मिश्र समेत सैकड़ों दर्शक मौजूद रहे।


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