क्या महंगी होगी खाद? यूरिया की किल्लत की खबरों के बीच मोदी सरकार ने जारी किया बयान

यह स्टॉक करीब 180 लाख मीट्रिक टन (LMT) है, जबकि एक साल पहले यह 147 LMT था

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ब्यूरो प्रयागराज-  पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनिया भर में एलपीजी गैस की भारी किल्लत की खबर सामने आ रही है। एलपीजी गैस के बाद अब यूरिया की कमी की खबरों के बीच सरकार सरकार का बयान सामने आया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के बावजूद खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यह स्टॉक करीब 180 लाख मीट्रिक टन (LMT) है, जबकि एक साल पहले यह 147 LMT था।

हालांकि, खाद विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने कहा कि घरेलू यूरिया उत्पादन पर असर पड़ा है। उन्होंने मंत्रालयों के बीच हुई एक ब्रीफिंग में कहा कि आज की तारीख में, हमारे पास स्टॉक की स्थिति पर्याप्त है। यूरिया और डायअमोनियम फॉस्फेट (DAP) किसानों को तय कीमतों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सप्लाई नियंत्रण में है। शर्मा ने कहा कि वैश्विक खाद बाज़ार पर असर पड़ा है और मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण कीमतें बढ़ गई हैं। हमारी माल ढुलाई की लागत भी बढ़ गई है। 30 तक पांच साल की अवधि में भारत को सालाना 31 लाख मीट्रिक टन (LMT) DAP और NPK की सप्लाई की जाएगी।

अपर्णा शर्मा ने आगे बताया कि अप्रैल और मई आम तौर पर ऐसे महीने होते हैं जब काम थोड़ा धीमा होता है और इस समय का इस्तेमाल स्टॉक जमा करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि सप्लाई की व्यवस्था पहले से ही कर ली गई थी। उन्होंने कहा, 'हम अपने सप्लाई के स्रोतों में विविधता ला रहे हैं और रूस, मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, कनाडा आदि देशों से सप्लाई मंगा रहे हैं।'

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