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सोनभद्र पुलिस का मानवीय चेहरा 24 घंटे में ढूंढी गई 4 साल की मासूम, ओबरा पुलिस की तत्परता से घर में लौटी खुशियां
परिजनों ने किया पुलिस की भूरि भूरि प्रशंसा, सकुशल मिली मासूम अंशिका
ब्यूरो रिपोर्ट
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-
जनपद सोनभद्र की ओबरा पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक 4 वर्षीय गुमशुदा मासूम बच्ची को महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक परिवार को बिखरने से बचाया, बल्कि पूरे जनपद में खाकी के प्रति विश्वास को और गहरा कर दिया है। जानकारी के अनुसार ओबरा थाना क्षेत्र से 4 वर्षीय बालिका के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देश पर तत्काल दो विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। सीसीटीवी खंगालने पर पुलिस को सुराग मिला कि बालिका अकेले पैदल चोपन की दिशा में जा रही थी। पुलिस टीम ने मार्ग में चलने वाले ऑटो, टोटो चालकों और राहगीरों को बच्ची की फोटो दिखाकर सघन पूछताछ की।
अथक प्रयासों के बाद, दिनांक 05.03.2026 को पुलिस ने बालिका अंशिका (4 वर्ष), पुत्री राजेश विश्वकर्मा को ग्राम बाड़ी (थाना चोपन क्षेत्र) से सकुशल बरामद कर लिया। जब पुलिस बच्ची को लेकर उसके माता-पिता के पास पहुँची, तो परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। परिजनों और स्थानीय ग्रामवासियों ने ओबरा पुलिस के इस सराहनीय कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली दो टीमों का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय और निरीक्षक शमशेर यादव ने किया। टीम में मुख्य रूप से चौकी प्रभारी कस्बा ओबरा विष्णु प्रभा सिंह, उ0नि0 रामसिंह यादव, आरक्षी यशवन्त सरोज, प्रवीण राय, पंकज पाल और महिला आरक्षी रिंकू गुप्ता शामिल रहीं।सोनभद्र पुलिस जनसुरक्षा एवं जनसेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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