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फर्जी वरासत प्रकरण: मामले की लीपापोती में लगी मैदानी पुलिस
आखिर किसने बनाया फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल कैसे पिछड़ी जाति की महिला पिंकी बन गई, अनुसूचित जाति हरीराम की पुत्री सूचना अधिकार अधिनियम से मिली सूचना ने खोली भ्रस्टाचार और फर्जीवाड़ा की पोल
लखीमपुर खीरी- तहसील गोला के अंतर्गत थाना मैलानी के ग्राम हरदुआ परगना कुकुरा में जीवित व्यक्ति हरीराम को कागजों में मृतक दिखा कर उसकी जमीन को हड़प लिया गया और उस पर खड़े सैकड़ों शीशम के पेड़ों को काटकर बेंच लिया गया। पीड़ित हरीराम का आरोप है कि उसने इस भ्रस्टाचार और फर्जीवाड़ा की दर्जनों शिकायतें आई जी आर यस पोर्टल पर की जिसमें पुलिस प्रशासन मैलानी और तहसील प्रशासन गोला द्वारा फर्जी जांच रिपोर्ट लगा कर मामले की लीपापोती की जाती रही हैं।
पीड़ित ने मामले की सूचना अधिकार अधिनियम से भी जानकारी चाही गई जिसमें भी गोल मोल जवाब दिए गए। सूचना अधिकार अधिनियम से मिली जानकारी से फर्जीवाड़ा की पुष्टि फिर भी होती हैं। सूचना अधिकार अधिनियम से मिली जानकारी में खंड विकास अधिकारी बांकेगंज और ग्राम पंचायत सचिव हरदुआ ने दिनाक 19/12/2025 एवं पत्रांक मेमो 11/02/2026 में स्पष्ट रूप से लिखा है कि हरीराम पुत्र रज़ई की मृत्यु हर दुआ में नहीं हुई है।और न ही मृतक/परिवार रजिस्टर के अभिलेखों में इस नाम का कोई व्यक्ति दर्ज है।
वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी हर दुआ के पत्र दिनांक 11/02/2026 द्वारा सूचित किया गया है कि हरीराम पुत्र रज़ई का किसी अधिकारी द्वारा किसी प्रकार का कोई मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया है। तो फिर मृत्यु प्रमाणपत्र किसने बनाया?और जब हरीराम पुत्र रज़ई का नाम कोई व्यक्ति परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं है तो फिर कैसे और किसने जारी कर दी परिवार रजिस्टर की नकल?और जारी नकल में किसने और किस आधारित से पिंकी देवी पत्नी बिंदर पाल को हरीराम की पुत्री दर्ज कर दिया? किस आधार पर ग्राम प्रधान रामकिशुन ने जारी किया हरिराम का म्रत्यु प्रमाणपत्र, जब हरीराम पुत्र रज़ई नाम का कोई आदमी हर दुआ में रहता ही नहीं है?
यही आग उगलते सवालों के जवाब फर्जीवाड़ा होने की ओर स्पष्ट इशारा कर रहे हैं और इन यक्ष प्रश्नों के उत्तर किसी भी सक्षम अधिकारी के पास ढूंढे नहीं मिल पा रहे हैं। भू माफियाओं और लेखपाल भूपेंद्र वर्मा तथा ग्राम प्रधान की मिलीभगत से बनाए गए मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल की जब खंड बिकास अधिकारी से पुष्टि कारवाई गई तो सभी प्रमाणपत्र फर्जी जाली और कूट रचित पाए गए । यह मेरा नहीं ब्लकि खंड बिकास अधिकारी बांके गंज और ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत हर दुआ के द्वारा जारी पत्र तथा मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत दिनांक 18/02/2026 में शिकायत कर्ता हरीराम पुत्र रज़ई का कहना है।
शिकायत कर्ता ने पुलिस मैलानी पर भी आरोपियों से मिले होने के गंभीर आरोप लगाये हैं l हरीराम का आरोप है कि सभी दस्तावेज फर्जी जाली और कूट रचित होने के साक्ष्य देने के बाद भी मैलानी पुलिस द्वारा दोषियों पर एफ. आई. आर. दर्ज नहीं की जा रही है।और न ही सभी दोषियों को थाना पर ही बुलाया गया है। जांच के नाम पर केवल दो लोगों को चौकी पर बुलाकर कोरम पूरा कर लिया गया और मामले की लीपापोती का खेल शुरु कर दिया गया।
आखिर चौकी प्रभारी कुकुरा अबलीश पवार द्वारा सभी आरोपियों को नहीं बुलाया जा रहा है। और घटना की मुख्य आरोपी पिंकी देवी पत्नी बिंदर पाल और प्रधान रामकिशुन ,लेखपाल भूपेंद्र को क्यों नहीं चौकी पर बुलाया गया? पीड़ित ने मैलानी पुलिस की इस कार्य प्रणाली पर आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक से साक्ष्यों समेत पून: शिकायत करने की बात कही है। पीड़ित का आरोप है जब ब्लॉक के अधिकारी द्वारा दस्तावेज फर्जी होने की पुष्टि की है।

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