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आरेडिका में वंदे भारत प्रोटोटाइप रेक का सफल ट्रायल
महाप्रबंधक पीके मिश्रा ने किया निरीक्षण
लालगंज (रायबरेली)। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना परिसर में शुक्रवार को वंदे भारत प्रोटोटाइप रेक का ट्रायल हुआ। महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा ने पूरे ट्रायल का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान प्रथम चरण में ट्रेन की गति का परीक्षण हुआ। ड्राइवर केबिन से प्रमुख ऑनबोर्ड प्रणालियों का परीक्षण किया गया। पैंटोग्राफ और वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) के संचालन की जांच की गई। उच्च वोल्टेज प्रणाली का भी निरीक्षण हुआ। सभी क्रियाएं ड्राइवर डेस्क यूनिट से सफलतापूर्वक संचालित की गईं।
इससे प्रणाली की समन्वित कार्यक्षमता का पता लगाया गया। एक लघु ट्रायल रन भी किया गया। ट्रैक्शन, गति और ओवरहेड इक्विपमेंट से लिए गए करंट का परीक्षण हुआ। प्रारंभिक संचालन के दौरान रेक को 10 किमी प्रति घंटा की निर्धारित सीमित गति पर चलाया गया। ब्रेक प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच की गई। पैसेंजर एनाउंसमेंट और पब्लिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीएपीआईएस) का परीक्षण भी सफल रहा। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रकाश व्यवस्था की जांच की गई।
महाप्रबंधक ने प्रकाश के सही एलाइनमेंट के निर्देश दिए। विद्युत क्यूबिकल्स की वैक्यूम और मैग्नेटिक क्लीनिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। उद्देश्य उच्च सुरक्षा और विश्वसनीयता बनाए रखना है। महाप्रबंधक ने प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता विवेक खरे, मुख्य विद्युत डिजाइन अभियंता विजय, सीडब्ल्यूई अनुराग दत्त त्रिपाठी, सीमेंस के अनुराग गुप्ता तथा आरडीएसओ के अनुपम गुप्ता और विष्णु शंकर प्रसाद सहित सभी सहयोगियों को बधाई दी।
रेक का ट्रायल परियोजना की प्रगति की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सीपीआरओ आरएन तिवारी ने बताया कि इसी साल 12 फरवरी को पूर्व में हुए निरीक्षण में जर्मन अभियंताओं ने भी भाग लिया। यह ट्रायल उच्च गति ट्रेनसेट निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यक्रम में कारखाने के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मेसर्स सीमेंस के प्रतिनिधि और अन्य उद्योग सहयोगी भी शामिल हुए।

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