UP: कब्र से निकाली गई 9 साल के बच्चे की लाश, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज

दफनाया गया था शव, फिर निकाला गया बाहर स्कूल में बिगड़ी तबीयत, नहीं दी गई सूचना

Swatantra Prabhat Picture
Published On

 

उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में 9 साल के छात्र की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर जांच के दायरे में आ गया है। प्रशासन ने जांच के तहत बच्चे के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

स्कूल में बिगड़ी तबीयत, नहीं दी गई सूचना

मालीपुर थाना क्षेत्र के आशानंदपुर बरौली गांव निवासी 9 वर्षीय अंश एक निजी विद्यालय जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा में पढ़ता था। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे वह स्कूल बस से स्कूल गया था।

परिजनों के अनुसार, सुबह लगभग 10 बजे स्कूल में अंश की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे उल्टियां होने लगीं और कमजोरी महसूस हुई, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने इस बारे में परिवार को तत्काल सूचना नहीं दी।

महिला आयोग की सदस्य ने वन स्टाप सेन्टर, आंगनबाड़ी केन्द्र, प्राथमिक विद्यालय, जिला महिला चिकित्सालय, वृद्धाआश्रम व जिला कारागार का किया निरीक्षण Read More महिला आयोग की सदस्य ने वन स्टाप सेन्टर, आंगनबाड़ी केन्द्र, प्राथमिक विद्यालय, जिला महिला चिकित्सालय, वृद्धाआश्रम व जिला कारागार का किया निरीक्षण

आरोप है कि गंभीर हालत के बावजूद उसे दोपहर की छुट्टी के बाद बस से घर भेज दिया गया।

घर के सामने खड़ी महिला को ट्रक ने रौंदा Read More घर के सामने खड़ी महिला को ट्रक ने रौंदा

बस में भी बिगड़ती रही हालत

परिवार का कहना है कि स्कूल बस में भी अंश की तबीयत लगातार खराब होती रही। घर से करीब 500 मीटर पहले बस चालक ने उसे उतार दिया।

नगर निगम मुख्यालय निर्माण में बाधा पर महापौर का सख्त रुख, चीफ इंजीनियर आरआर को लगाई कड़ी फटकार Read More नगर निगम मुख्यालय निर्माण में बाधा पर महापौर का सख्त रुख, चीफ इंजीनियर आरआर को लगाई कड़ी फटकार

किसी तरह वह घर पहुंचा, जहां उसकी हालत और बिगड़ गई। परिजन उसे तुरंत स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए, जहां प्राथमिक इलाज के बाद घर लौटा दिया गया। कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।

दफनाया गया था शव, फिर निकाला गया बाहर

बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने उसे हमजापुर स्थित मंजूषा नदी के तट पर दफना दिया था। हालांकि, बाद में मामले ने तूल पकड़ लिया।

बुधवार को मृतक की मां शशिकला ने उपजिलाधिकारी जलालपुर को शिकायती पत्र देकर स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद एसडीएम राहुल गुप्ता के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई। गुरुवार को पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

परिवार की हालत बेहद कमजोर

अंश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं।

  • माता शशिकला और पिता हीरालाल दोनों दृष्टिहीन हैं।

  • पिता ट्रेन में चना बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

  • बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

शव निकाले जाने के दौरान गांव में मातम छा गया और परिजन बेसुध हो गए।

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की मौजूदगी

घटना की जानकारी मिलते ही विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया और सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की।

ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

स्कूल प्रबंधन ने आरोप किए खारिज

वहीं, स्कूल संचालक महेश कुमार ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है—

“छात्र पूरी तरह सामान्य स्थिति में बस में बैठकर घर गया था। तबीयत खराब होने पर परिजनों को सूचना दी गई थी। स्कूल की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई।”

पुलिस का बयान

क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार सिंह ने बताया—

“शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होगी। यदि किसी की लापरवाही या अपराध सामने आता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि—

  • मौत बीमारी से हुई या किसी लापरवाही से

  • समय पर इलाज मिलने से जान बच सकती थी या नहीं

  • कोई अन्य संदिग्ध कारण तो नहीं

प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।


अगर आप चाहें, मैं इसी खबर को अखबार/वेबसाइट के लिए हेडलाइन + SEO फॉर्मेट + सोशल मीडिया कैप्शन में भी तैयार कर दूं।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार