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जब नल लगे, टंकी बनी फिर कहां गया पानी..! संघर्ष की मीनार से जूझती प्यासों की कहानी
तीन हजार आबादी के हित में ग्राम समूह पेयजल से बनी टंकी 12 साल से बंद , 23 साल पहले निर्माण !, 10 साल में दो बार रिवोर के बाद तीसरी बार जमीन तलाश रहा संबंधित विभाग, पत्राचार का हवाला घंटों लाइन में ग्रामीण !
लालगंज रायबरेली। हर घर जल, जल जीवन निगम , एक बूंद पानी नाना प्रकार की अलग-अलग थीम और करोड़ों रुपयो की परियोजनाओं की जमीनी हकीकत की पृष्ठभूमि सरकारी दावों और दफ्तरों की चमकती चासनी और चांदनी से बिल्कुल जुदा है आजादी के अमृत काल में लीन देश आज भी पानी की किल्लत सिस्टम की लाचारी से झेल रहा।
विकासखंड लालगंज की ग्राम पंचायत सोंडासी का बाजपेईपुर खटिकाना,चमरौली,सोन्डासी ,पूरे शुक्लन ,बैशखा , आदि गांव शुद्ध पेयजल पीने के लिए आज भी तरस रहा है यहां घंटों एक हैंड पंप के सहारे समूचा गांव प्यास बुझाने के लिए मस्कत और संघर्ष की दास्तान रच रहा है और संबंधित विभाग पत्राचार का हवाला देते देते समूचे 12 साल व्यतीत कर दीए ग्रामीणों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार 2003 मे ग्राम समूह पेयजल योजना के अंतर्गत निर्मित हुई पानी टंकी निर्माण साल से मात्र 10 साल तक ही पानी की सप्लाई देने में सफल हुई और इस बीच निर्माण कार्य में बरती गई।
शिथिलता के कारण दो बार रिबोर भी कराना पड़ा लेकिन इसके बावजूद भी पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई और आज की स्थिति में बाजपेई पुर गांव में निर्मित पानी की टंकी जंग और झाड़ियों से दो चार कर रही है पानी पूर्ति की सप्लाई करना हास्यास्पद होगा करीब 12 साल से खराब मोटर, पाइप इत्यादि सामग्री मे पूर्ण रूप से जंग लग चुका है लेकिन संबंधित विभाग पूरी तरीके से उदासीनता पे उतारू है अनेकों बार शिकायत करने के बावजूद विभाग के जिम्मेदार अधिकारी गांव वालों की व्यथा समझने की जहमत नहीं जुटा पा रहे हैं जो विभागी अधिकारियों की मक्कारी की इतिश्री ही कही जाएगी बाजपेईपुर सहित उपरोक्त गांव की स्थिति इतनी जटिल है की बूढ़े बच्चे नौजवान सब कोसों दूर एक-एक बूंद पानी के लिए घंटो समय जाया कर रहे तब जाकर अपनी बारी आने पर उन्हें एक बाल्टी पानी हैंडपंप के सहारे मिल पाता जबकि ग्राम पंचायत के निवासी अभिषेक शुक्ला के द्वारा जिलाधिकारी महोदया को करीब साल भर पूर्व दिए गए पत्र के माध्यम से रूबरू कराया गया की ग्राम बाजपेई पूर में शुद्ध पेयजल की भारी किल्लत है और बंद पड़ी पानी टंकी का रिबोर मरमतीकरण कराके पानी की व्यवस्था सुलभ कराई जाए।
लेकिन इन शिकायतों का कोई प्रभाव अभी तक जमीनी स्तर पर देखने को नहीं मिला जबकि 17/01/ 2025 को कार्यालय अधिशासी अभियंता जल निगम रायबरेली के द्वारा जारी एक पत्र के माध्यम से आईजीआरएस में की गई शिकायत का संज्ञान लेते हुए जारी पत्र के माध्यम से बताया गया ग्राम समूह पेयजल योजना वर्तमान में अपनी 30 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुकी है जिस कारण उक्त ग्राम में जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत सोंडासी पेयजल योजना हेतु प्रस्तावित किया गया और यह कार्य जून 2025 तक पूर्ण कराने की बात कही गई लेकिन उक्त योजना भी ग्राम सभा की पटल पर अभी तक उतर नहीं पाई जिससे आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा चेतावनी जारी करते हुए आगामी पंचायत व विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही गई है।
महत्वपूर्ण सवाल है कि अगर आजादी के इतने सालों के बाद हमारा सरकारी तंत्र बेहतर पेयजल व्यवस्था सुलभ नहीं करा पा रहा तो देश कौन सी आजादी का अमृत काल मना रहा जबकि वर्तमान सरकार द्वारा करोड़ों रुपए हर घर जल पहुंचाने को लेकर खर्च किया जा रहा हैं लेकिन लापरवाह अधिकारी है कि अपनी कमजोरी की छाप से सरकार की मंशा को ठेस पहुंचा रहे हैं।

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