लोहरदगा कांग्रेस को बड़ा झटका, अल्पसंख्यक चेहरा आफताब आलम ने दिया इस्तीफा

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लोहरदगा, झारखंड:- जिले की राजनीति में इस समय सबसे बड़ी हलचल कांग्रेस पार्टी के भीतर देखी जा रही है। पार्टी के वफादार सिपाही और अल्पसंख्यक विभाग के जिला उपाध्यक्ष आफताब आलम ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ अपने सभी पदों से सामूहिक इस्तीफा देकर संगठन को बड़ा झटका दिया है। चुनावी मौसम के दरवाज़े पर खड़े लोहरदगा में आलम का यह कदम राजनीतिक हलकों में चौंकाने वाला माना जा रहा है।
 
■स्वेच्छा से त्यागा पद, दबाव की बात से किया इनकार: 
अपनी स्पष्टवादिता और बेबाक अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले आफताब आलम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका यह निर्णय पूरी तरह व्यक्तिगत है और इसमें किसी प्रकार का दबाव या नाराजगी शामिल नहीं है। वर्षों तक कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले आलम के अचानक पार्टी छोड़ने से कांग्रेस खेमे में गहरा सन्नाटा फैल गया है।
 
■अल्पसंख्यक वोट बैंक पर पड़ सकता है असर: 
लोहरदगा की राजनीति में आलम की गिनती हमेशा एक कर्मठ और ज़मीनी कार्यकर्ता के रूप में होती रही है। अल्पसंख्यक समाज में उनकी मजबूत पकड़ पार्टी के लिए बड़ा सहारा मानी जाती थी। ऐसे में उनका पद छोड़ना कांग्रेस के लिए किसी बड़ी क्षति से कम नहीं माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि इस फैसले से अल्पसंख्यक वोटों के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
 
■“मेरा सफर अब यहां समाप्त”—आफताब आलम: 
इस्तीफे की घोषणा करते हुए आफताब आलम ने साफ कहा, “मैं कई वर्षों से कांग्रेस के प्रति समर्पित रहा, लेकिन आज बिना किसी दबाव के, अपनी इच्छा से पार्टी और अल्पसंख्यक विभाग के जिला उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे रहा हूँ।”
 
हालांकि आलम ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि आगे उनकी राजनीतिक राह क्या होगी—क्या वे किसी नई पार्टी का दामन थामेंगे या फिर निर्दलीय पथ अपनाएंगे। फिलहाल उनके अगले कदम को लेकर कयासों का बाजार गर्म है।
 
आफताब आलम के इस अहम फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि लोहरदगा की चुनावी बिसात में अब नए समीकरण बनने तय हैं, जिन पर सभी की निगाहें टिकी होंगी। 
 

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