भाजपा MLC शैलेंद्र सिंह साक्ष्य के अभाव में बरी

सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आचार संहिता उल्लंघन मामले में सुनाया फैसला

राजकुमार यादव Picture
Published On

 

WhatsApp Image 2026-02-07 at 18.45.59एमपी-एमएलए कोर्ट ने विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शैलेंद्र प्रताप सिंह सहित तीन आरोपियों को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। यह फैसला शनिवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने सुनाया।
यह मामला पिछले नौ साल से न्यायालय में विचाराधीन था। 


आरोपियों पर लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 11 मई 2019 को कोतवाली देहात के उतुरी गांव स्थित राजर्षि टंडन शिक्षण संस्थान में एमएलसी शैलेंद्र सिंह, अजय कुमार सिंह और जय प्रकाश सिंह के साथ मिलकर 50 से अधिक लोगों को भोजन करा रहे थे। आरोप था कि यह कृत्य लोकसभा निर्वाचन में मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया था और इसके लिए किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी।


इस संबंध में कोतवाली देहात के उड़नदस्ता प्रभारी गजेंद्र कुमार सिंह ने एक एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद उतुरी निवासी एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, उनके समर्थक जय प्रकाश और अजय सिंह के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।

करेली में गोली मारकर हत्या Read More करेली में गोली मारकर हत्या

बचाव पक्ष के अधिवक्ता रूद्र प्रताप सिंह मदन ने बताया कि न्यायालय में पेश किए गए गवाहों के बयान विरोधाभासी पाए गए। इन्हीं साक्ष्य के अभाव के चलते अदालत ने सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।

कोई भी विद्यालय किसी भी छात्र से किसी निर्धारित दुकान से ही किताब, जूता, ड्रेस आदि क्रय करने हेतु नहीं करेगा बाध्य- जिलाधिकारी Read More कोई भी विद्यालय किसी भी छात्र से किसी निर्धारित दुकान से ही किताब, जूता, ड्रेस आदि क्रय करने हेतु नहीं करेगा बाध्य- जिलाधिकारी

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार