सीआईएसएफ ओबरा ने पेश की मानवता की मिसाल कड़ाके की ठंड में 500 जरूरतमंदों को बांटे कंबल
कड़कड़ाती ठंड के बीच कंबल पाकर ग्रामीणों के चेहरे खिले, लोगों ने किया सीआईएसएफ के जवानों की प्रसंशा
अजित सिंह ब्यूरो के साथ कु. रीता की खास रिपोर्ट
कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान के बीच केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की ओबरा इकाई ने सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। इकाई के कमांडेंट सतीश कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में बल के सदस्यों ने ग्राम गरदा (थाना-जूनैल) के अभावग्रस्त परिवारों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए।

बीते 4 दिसंबर 2026 को आयोजित इस विशेष वितरण शिविर में सीआईएसएफ के जवानों ने ग्राम गरदा के लगभग 500 जरूरतमंद ग्रामीणों को कंबल वितरित किए। कड़कड़ाती ठंड के बीच कंबल पाकर ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। ग्रामीणों ने बल के इस नेक कार्य की सराहना करते हुए जवानों का हृदय से आभार व्यक्त किया। कमांडेंट सतीश कुमार सिंह ने केवल कंबल वितरण तक ही अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझा।

इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए अच्छी शिक्षा दिलाएं। समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और नैतिक मूल्यों को जीवन में उतारें। उन्होंने बहुत ही सरल भाषा में ग्रामीणों को समझाया कि कैसे वे अपने जीवन स्तर को सुधार सकते हैं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
सीआईएसएफ का यह कदम यह दर्शाता है कि सुरक्षा बल न केवल औद्योगिक संपत्तियों की रक्षा करते हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी को निभाने में भी सदैव तत्पर रहते हैं। इस कार्यक्रम ने बल और स्थानीय नागरिकों के बीच विश्वास और प्रेम के रिश्ते को और भी मजबूत किया है।मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। कड़ाके की ठंड में एक छोटा सा सहयोग भी किसी के जीवन में बड़ी राहत ला सकता है।


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