इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट” (ACED-2025) का भव्य आयोजन दिनांक 28 एवं 29 नवम्बर 2025 को सफलतापूर्वक किया गया।

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ द्वारा, ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस, “एडवांस्ड सिविल इंजीनियरिंग प्रैक्टिसेज फॉर सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट” (ACED-2025) का भव्य आयोजन दिनांक 28 एवं 29 नवम्बर 2025 को सफलतापूर्वक किया गया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, उन्नत शोध, सतत विकास (Sustainable Development) एवं पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढाँचे (Infrastructure) के निर्माण पर विशेषज्ञों के विचारों का आदान-प्रदान करना था। सम्मेलन के मुख्य अतिथि ई. अशोक कुमार द्विवेदी, अभियंता-मुख्य, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश में तेज़ी से विकसित हो रहे आधारभूत ढाँचे, सड़क निर्माण, पुलों एवं राजमार्गों के आधुनिकीकरण तथा इंजीनियरों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होने कार्यक्रम की आवश्यकता एवं लाभ की भी जानकारी दी जो इस प्रकार से है।
 
1. उन्नत तकनीकों का आदान-प्रदान
देशभर के विशेषज्ञों ने सिविल इंजीनियरिंग की नवीनतम तकनीकों, अनुसंधान तथा आधुनिक निर्माण प्रथाओं के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
2. सतत (Sustainable) विकास को बढ़ावा
पर्यावरण अनुकूल निर्माण पद्धतियाँ, ऊर्जा-संरक्षण, जल प्रबंधन और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व पर विशेषज्ञों की राय ने प्रतिभागियों को नए दृष्टिकोण दिए।
3. इंजीनियरों में तकनीकी क्षमता वृद्धि
वर्कशॉप, पेपर प्रेजेंटेशन और पैनल डिस्कशन के माध्यम से इंजीनियरों को उभरती चुनौतियों और समाधान के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।
4. नीति-निर्माण के लिए उपयोगी सुझाव सड़क, पुल, इमारतों और सार्वजनिक परियोजनाओं से संबंधित कई तकनीकी सुझाव इस सम्मेलन में सामने आए, जिन्हें भविष्य की नीतियों में सम्मिलित किया जा सकता है।
5. युवा इंजीनियरों और छात्रों को मार्गदर्शन अनुभवी विशेषज्ञों के संबोधन और इंटरैक्शन से विद्यार्थियों को आधुनिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर निर्माण का स्पष्ट मार्ग मिला।
6. उद्योग, अनुसंधान संस्थान और सरकार के बीच समन्वय सम्मेलन ने विभिन्न संस्थानों, विभागों और उद्योग जगत के बीच बेहतर सहयोग स्थापित करने का अवसर प्रदान किया।
7. सुरक्षित और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की दिशा में योगदान डिज़ास्टर रेज़िलिएंट, टिकाऊ और किफायती इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी रणनीतियाँ प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. जे. पी. साहू, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, आई.आई.टी. लखनऊ रहे। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्र में हो रहे आधुनिक नवाचारों, तकनीकों तथा टिकाऊ अवसंरचना निर्माण की श्रेष्ठ प्रथाओं पर विचार-विमर्श करना है। विशिष्ट अतिथियों ने सिविल इंजीनियरिंग में उभरती चुनौतियों, नवीन तकनीकों जैसे—स्मार्ट मटेरियल्स, आधुनिक सर्वे तकनीकें, ग्रीन कंस्ट्रक्शन, डिजास्टर रेज़िलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर तथा जल संरक्षण आधारित डिज़ाइन पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों, सरकारी विभागों, इंजीनियरिंग संगठनों तथा उद्योग जगत से आए विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
 
दो दिनों तक चली विभिन्न तकनीकी सत्रों, पेपर प्रेजेंटेशन्स, इंटरैक्टिव वर्कशॉप्स एवं पैनल डिस्कशनों में इंजीनियरिंग के भविष्य तथा सतत विकास की दिशा में अहम सुझाव सामने आए। कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष इं.वी. बी. सिंह, एफ आई ई भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन भारत को सतत और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में संस्थान के चेयरमैन इं. सत्य प्रकाश, एफ आई ई ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।कार्यक्रम के संयोजक इं. अवधेश कुमार, एफ आई ई ने विषय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे तकनीकी वार्तालाप इंजीनियरों और युवा मस्तिष्कों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं मानवीय संवेदनशीलता को सशक्त बनाते हैं। कार्यक्रम के समापन पर ई. वी. पी. सिंह, एफ आई ई, मानद सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य केन्द्र ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और सभी अतिथियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्नेहभोज (लंच) में सहभागिता की।
 

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