दस दिन बीत जाने के बावजूद निरस्त नहीं हो सका फर्जी निवास प्रमाण पत्र

पांच मार्च को तहसीलदार  ने जांच में पाया था फर्जी निवास प्रमाण पत्र

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मदनापुर -शाहजहांपुर/कूट रचित दस्तावेजों के सहारे बनवाए गए निवास प्रमाण पत्र को उप जिला अधिकारी सदर 10 दिन बीत जाने के बावजूद आज तक निरस्त नहीं करा सके हैं, इसे तहसील प्रशासन की लापरवाही कहें या फिर फर्जी बड़ा करने वालों के साथ तालमेल फिलहाल शिकायतकर्ता अबू तहसील प्रशासन पर उंगली उठाने लगा है और उसका कहना है की तहसील प्रशासन निवास प्रमाण पत्र निरस्त करने में देरी करके फर्जी निवास प्रमाण पत्र के सहारे आंगनवाड़ी में नियुक्ति का प्रयास करने वाली महिला का सहयोग कर रहा है।
 
आपको बता दें जनपद के ब्लाक मदनापुर क्षेत्र के गांव आंमखेडा सैंजना में आंगनबाड़ी की एक जगह रिक्त थी जिसमें कांट ब्लाक के सिसोरी निवासी पूजा ने कूट रचित दस्तावेजों के सहारे दूसरे ब्लॉक के गांव आंमखेडा से अपना फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर आंगनवाड़ी पद पर आवेदन किया था जिसको लेकर सैंजना निवासी गुड्डू माथुर ने जिला अधिकारी से शिकायत की थी शिकायत के बाद मुख्य विकास अधिकारी के आदेश अनुसार एसडीएम सदर को जांच सौंपी गई थी जिसकी तहसीलदार सदर द्वारा 5 मार्च को गांव जाकर जांच की गई और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया गांव के प्रधान ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए।
 
एसडीएम सदर को प्रार्थना पत्र देकर निवास प्रमाण पत्र निरस्त कराने की मांग की है और आरोप लगाया है कि उसके फर्जी हस्ताक्षर और मोहर का अटैचमेंट लगाकर निवास प्रमाण पत्र जारी कराया गया है इतना कुछ होने के बावजूद करीब 10 दिन बीत जाने के बाद भी तहसील प्रशासन आज तक निवास प्रमाण पत्र निरस्त नहीं करा सका है वहीं अब शिकायतकर्ता तहसील प्रशासन उंगली उठा रहा है देखना होगा तहसील प्रशासन फर्जी निवास प्रमाण पत्र के सहारे आवेदन करने वाली महिला को नौकरी मिलने के बाद निवास प्रमाण पत्र निरस्त करेगा या फिर इस कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा।
 
 
 

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